सार्वजनिक क्षेत्र की गेल इंडिया लिमिटेड ने शुक्रवार को कहा कि उसने समझौते के अनुरूप एलएनजी की आपूर्ति नहीं करने पर रूसी ऊर्जा कंपनी गैजप्रॉम की एक पूर्व इकाई के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू की है जिसमें हर्जाने के तौर पर 1.817 अरब डॉलर की मांग की गई है।
गेल इंडिया ने शेयर बाजार को दी गई एक सूचना में कहा कि उसने ‘दीर्घकालिक अनुबंध के तहत एलएनजी की आपूर्ति न होने’ पर लंदन स्थित अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता न्यायालय में यह अर्जी लगाई है।
गेल ने वर्ष 2012 में रूस की अग्रणी ऊर्जा कंपनी गैजप्रॉम के साथ प्रति वर्ष 28.5 लाख टन तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) खरीदने के लिए 20 साल का समझौता किया था।
यह सौदा गैजप्रॉम मार्केटिंग एंड सिंगापुर (जीएमटीएस) के साथ किया गया था जो तब गैजप्रॉम जर्मनिया (अब सेफे) की एक इकाई थी। लेकिन पिछले साल यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बीच गैजप्रॉम ने सेफे से अपना नाता तोड़ लिया था।