बीएस बातचीत
प्रमुख औषधि कंपनी स्ट्राइड्स फार्मा साइंस का कर पूर्व लाभ चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 269 फीसदी बढ़कर 105 करोड़ रुपये हो गया जबकि कर बाद लाभ 34 गुना बढ़कर 101 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी दूसरी तिमाही के लिए भी सतर्क है। कोविड-19 वैश्विक महामारी के मद्देनजर कंपनी नकदी के संरक्षण और नए निवेश से बचना चाहती है। कंपनी के एमडी एवं सीईओ आर अनंत नारायणन ने समरीन अहमद से बातचीत में कहा कि कंपनी कोविड की स्थिति को ध्यान में रखते हुए टीके के जरिये वृद्धि को रफ्तार देने की योजना बना रही है। उन्होंने बताया कि कोविड-19 के संभावित टीके के विकास के लिए कई वैश्विक औषधि कंपनियों के साथ सौदे के लिए बातचीत अंतिम चरण में है। पेश हैं मुख्य अंश:
स्ट्राइड्स के कारोबार पर कोविड महामारी का क्या असर रहा?
जहां तक कोविड का सवाल है तो पहली तिमाही में हमने कोई खास व्यवधान नहीं देखा क्योंकि हमारे पास प्रमुख एपीआई और कच्चे माल की पर्याप्त इन्वेंटरी थी। साथ ही हमने यह भी सुनिश्चित किया था कि हमारे ग्राहकों के लिए बाजार में पर्याप्त इन्वेंटरी रहे। हालांकि अब मुख्य रूप से सर्जरी में गिरावट, नए डॉक्टरी पर्चे में गिरावट और दवा दुकानों पर ग्राहकों की आवक घटने से उसमें थोड़ी नरमी दिखने लगी है। साथ ही लॉजिस्टिक लागत में भी तेजी आई है। इसलिए हम दूसरी तिमाही के लिए काफी सतर्क हैं।
क्या आप वित्त वर्ष 2021 के लिए वृद्धि परिदृश्य को बरकरार रखेंगे?
हमारा मानना है कि हमारे संयुक्त विनियमित बाजार में उम्मीद के मुताकिब वृद्धि जारी रहेगी और वही हमारा लक्ष्य होगा।
क्या कोविड वैश्विक महामारी में मद्देनजर कंपनी इस साल निवेश से परहेज करेगी?
कोविड-19 वैश्विक महामारी के मद्देनजर हमने सभी नए निवेश को फिलहाल टाल दिया है। पूरे साल हम लागत को नियंत्रित करने और नकदी संरक्षण पर ध्यान केंद्रित करेंगे। कोविड की स्थिति जब तक साफ नहीं हो जाती तब तक कोई नया निवेश अथवा विलय-अधिग्रहण नहीं किया जाएगा। हम केवल पूंजी के रखरखाव पर 1.5 करोड़ डॉलर खर्च करेंगे।
कोविड-19 रोगियों के उपचार के लिए फैविपिराविर के लिए मंजूरी मिलने की प्रक्रिया कहां तक पहुंची है? क्या कंपनी किसी इसके उपचार के लिए कोई अन्य दवा तैयार कर रही है?
फिलहाल बायोइक्विवैलेंस अध्ययन जारी है और हमने उस प्रक्रिया का लगभग आधा हिस्सा पूरा कर लिया है। शुरुआती परिणाम काफी उत्साजनक रहे हैं। जैसे ही डीसीजीआई से अंतिम मंजूरी मिल जाएगी हम उसे बाजार में उतारने की प्रक्रिया शुरू कर देंगे। हम रोगियों में कोविड समस्या से राहत दिलाने के लिए डेक्सामेथासोन और हाइड्रोकॉर्टिसोन जैसी दवाओं को बाजार में आपूर्ति जारी रखेंगे। लेकिन फिलहाल फैविपिराविर के अलावा कोई अन्य खास दवा हमारे पास नहीं है।
सहायक कंपनी स्टेलिस बायोफार्मा में निवेश के लिए रखे गए 4 करोड़ डॉलर में से कितनी रकम खर्च हुई है? क्या कंपनी बायोटेक के नए क्षेत्रों में से किसी नए क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करने जा रही है?
करीब 1.5 करोड़ डॉलर का निवेश पहले ही किया जा चुका है और हम उम्मीद करते हैं कि स्टेलिस का परिचालन वित्त वर्ष 2022 तक न नफा न नुकसान की स्थिति में आ जाएगा। बायोलॉजिक्स में हम जिस पहले उत्पाद पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं वह ऑस्टियोसोरायसिस की दवा पीटीएच टेरिपैरेटाइड बायोसिमिलर है। हम उम्मीद करते हैं कि दूसरी तिमाही के अंत तक यूराप में उसकी फाइलिंग हो जाएगी। हमारे पास इन्सुलिन और इन्सुलिन एनालॉग हैं जो क्लीनिकल परीक्षण के विभिन्न चरणों में हैं। मौजूदा कोविड परिदृश्य को देखते हुए हमारी नजर टीके के जरिये वृद्धि को रफ्तार देने पर भी है। हम एक नई टीम तैयार करेंगे जो वेक्टर, प्रोटीन सबयूनिट, आरएनए एवं डीएनए सहित विभिन्न प्रकार के टीके को संभाल सकती है। हम कोविड-19 के लिए संभावित टीका विकसित करने के लिए भी बातचीत कर रहे हैं।
कोविड के संभावित टीके के विकास के लिए आप किससे बातचीत कर रहे हैं?
हम वैश्विक कंपनियों के साथ बातचीत कर रहे हैं और वह लगभग अंतिम चरण में है। टीका विकसित होने के साथ ही हम उन्हें अपनी विनिर्माण क्षमता उपलब्ध कराएंगे।