facebookmetapixel
दिसंबर में बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर 4 महीने की ऊंचाई पर, महंगाई भी बढ़ीBudget 2026: बीमा उद्योग ने कर लाभ और प्रीमियम सीमा बढ़ाने की मांग की, सुरक्षा और स्वास्थ्य पॉलिसियों पर फोकसभारत में बागवानी फसलें अनाज को पछाड़ रही, फल व सब्जियों की खेती में तेजीअमेरिकी सीनेटर ने व्यापार वार्ता में तेजी लाने का आह्वान किया और दाल आयात पर जोर दियाभारत है निवेश के लिए अमेरिका के बाद सबसे पसंदीदा ठिकाना, विदेशी और घरेलू CEO आर्थिक वृद्धि में आशावादीफिक्की का तिमाही विनिर्माण सूचकांक उच्चतम स्तर पर, 91% फर्मों ने उत्पादन वृद्धि या स्थिरता की उम्मीद जताईसेंट्रल रजिस्ट्री पर केंद्र को मिलेगा नियंत्रण! सरफेसी ऐक्ट 2002 में संशोधनों पर विचार कर रही सरकारभारत में निवेश का भरोसा बढ़ा, महाराष्ट्र और आंध्र में बड़ी कंपनियों ने किए करोड़ों के समझौतेभारत-ईयू अगले सप्ताह ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते की घोषणा के करीब: उर्सुलाराजमार्ग भूमि मुआवजे में कमियां, NH अधिनियम ढांचे पर फिर से विचार करे केंद्र सरकार

पूंजीगत वस्तु कंपनियों का मूल्य वरीयता नीति पर जोर

Last Updated- December 15, 2022 | 8:11 PM IST

देश को आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य के लिए पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान के साथ ही वित्त मंत्री ने भले ही विदेशी कंपनियों को 200 करोड़ रुपये या इससे कम की बोलियों में हिस्सा लेने से प्रतिबंधित कर दिया। लेकिन घरेलू पंूजीगत वस्तु कंपनियां अब मूल्य वरीयता नीति की भी मांग कर रही हैं।
केईसी इंटरनैशनल के प्रबंध निदेशक (एमडी) एवं मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) विमल केजरीवाल ने कहा, ‘इस तरह की वरीयता के लिए मांग सामान्य है, क्योंकि यह कई अन्य देशों में भी प्रचलित है।’ अन्य पूंजीगत वस्तु कंपनियां ऐसी मांग की वाजिब वजह देख रही हैं। एक बड़ी पूंजीगत वस्तु कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी ने नाम नहीं बताने के अनुरोध के साथ कहा, ‘सार्वजनिक खरीद नीति में हमें सिर्फ 50 प्रतिशत के लिए ही खरीद वरीयता मिलती है, जबकि कई देश मूल्य वरीयता मुहैया कराते हैं। उदाहरण के लिए, सऊदी अरब में स्थानीय निर्माताओं को 10 प्रतिशत अग्रिम राशि दी जाती है। हम भी इसी तरह की नीति की मांग कर रहे हैं।’
थर्मेक्स के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्याधिकारी एम एस उन्नीकृष्णन ने कहा, ‘कोरिया, जापान, चीन और यूरोप ऐसे कुछ देश हैं जो भारत में अनुबंध हासिल करते हैं। उद्योग अब न सिर्फ खरीद वरीयता की मांग कर रहा है बलिक मूल्य वरीयता पर भी जोर दे रहा है।’
उदाहरण के लिए, पिछले साल चीन की वुहान इंजीनियरिंग ने भारत में तलचर फर्टिलाइजर्स से प्रोजेक्ट ऑर्डर के लिए कोल गैसिफिकेशन एवं अमोनिया/यूनिया पैकेज हासिल किया। अप्रैल में, भारत की इंजीनियरिंग कंपनी एलऐंडटी ने कहा कि उसे वुहान इंजीनियरिंग से समान परियोजना के लिए उपकरण ऑर्डर मिला है।
2019 में इस घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले लोगों का कहना है कि वुहान इंजीनियरिंग ने कई घरेलू पंूजीगत वस्तु कंपनियों से प्रतिस्पर्धा के बीच उर्वरक संयंत्र ऑर्डर हासिल किया था। भारत की पूंजीगत वस्तु कंपनियां अब मूल्य वरीयता नीति के जरिये इस चलन में बदलाव लाने की संभावना तलाश रही हैं। इंडियन ब्रांड इक्विटी फांउडेशन के पास उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, भारत ने वित्त वर्ष 2019-20 की पहली छमाही में 3.28 अरब डॉलर मूल्य की इलेक्ट्रिक मशीनरी एवं उपकरणों और पूरे वित्त वर्ष 2019 में 9.86 अरब डॉलर मूल्य के उपकरणों का आयात किया।

First Published - June 4, 2020 | 11:30 PM IST

संबंधित पोस्ट