एंबेसी ने शुरू किया ऑलिव रेजिडेंसेज

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 14, 2022 | 8:52 PM IST

रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े एंबेसी समूह ने युवा ग्राहकों को ध्यान में रखते हुए एक कम परिसंपत्ति या कम पूंजी लागत वाला प्रबंधन कारोबार- ऑलिव रेजिडेंसेज शुरू किया है। समूह ने यह कारोबार अपने को-लिविंग ब्रांड ऑलिव बाइ एंबेसी के तहत शुरू किया है।
बेंगलूरु की यह कंपनी अपने ऑलिव  रेजिडेंसेज के तहत मौजूदा आवासीय इमारतें एवं होटल उनकी साझेदारी में लेगी। इसके लिए वह प्रदर्शन आधारित प्रबंधन फीस लेगी। इस तरह वह सीधे ओयो से मुकाबले में आ जाएगी। ये इमारतें कम अवधि और लंबी अवधि में रहने के विकल्प मुहैया कराएंगी।
एंबेसी समूह के मुख्य परिचालन अधिकारी आदित्य विरवानी ने कहा, ‘यह ग्रीन फील्ड बिल्ट-टू-सूट मॉडलों की तुलना में ज्यादा विस्तार करने योग्य कारोबारी मॉडल है। हम किसी इमारत में आवश्यक बदलाव करने और इसे परिचालन योग्य बनाने में अधिकतम 60 दिन का समय लेंगे।’ कंपनी ने अगले साल के अंत तक करीब 100 परिसंपत्तियों के परिचालन का लक्ष्य तय किया है। कंपनी का दावा है कि वे इस मॉडल के जरिये इमारत मालिकों का प्रतिफल अन्य ऑपरेटरों की तुलना में 30 से 40 फीसदी बढ़ाने में सफल रहेंगे। छत एवं बरामदे के स्थान समेत बुनियादी सुविधाओं के अलावा सभी सदस्यों के लिए एक शहर केंद्रित ऑलिव  क्लब होगा, जिसमें जिम, स्विमिंग पूल, बार और अन्य मनोरंजन की सुविधाएं होंगी। ऑलिव  रेजिडेंसेज ने अपनी पहली परिसंपत्ति बेंगलूरु में शुरू की है, जो 1बीएचके आवास के रूप में तत्काल रहने के लिए उपलब्ध है। अगले तीन महीनों में दो और परिसंपत्तियां तैयार हो जाएंगी। यह भारत में सभी महानगरों में केंद्रीय स्थानों पर एक प्रबंधन करार के तहत आवासीय इमारतें और होटल लेगी। ऑलिव  बाइ एंबेसी के सह-संस्थापक और मुख्य कार्याधिकारी काहरमन यिगित ने कहा, ‘इस समय हमारा ध्यान छह महानगरों पर है और वृद्धि की रफ्तार को मद्देनजर रखते हुए अन्य शहरों मेंं विस्तार किया जाएगा।’
ऑलिव रेजिडेंसेज यूनिटों की कीमत 16,500 रुपये से शुरू होगी। यिगित ने कहा, ‘एक मुख्य आवास होना और बहुत सी जगहों पर जाने की सहूलियत एक स्वागत योग्य बदलाव है, जिससे युवाओं को रोचक एवं उत्साहवर्धक जीवन शैली मिलेगी। उचित एवं तर्कसंगत कीमत तय करने के लिए ‘जाने पर भुगतान की प्रणाली’ है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि हमारे बाशिंदे केवल उपयोग करने वाली सुविधाओं के लिए ही भुगतान करें और कोई छिपा शुल्क न हो।’

First Published : November 25, 2020 | 11:41 PM IST