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कम नहीं हो रहीं Dunzo की परेशानियां, अब को-फाउंडर दलवीर सूरी स्टार्टअप से होंगे अलग

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हाल ही में स्टार्टअप के अपना बेंगलुरु ऑफिस छोड़ा, जिसकी वजह कंपनी ने लागत कम करना बताया था। अब इसके एक को-फाउंडर दलवीर सूरी ने स्टार्टअप का साथ छोड़ने का फैसला किया है।

Last Updated- October 02, 2023 | 9:46 PM IST
dalvir suri

डिलीवरी स्टार्टअप Dunzo जो कि हाइपरलोकल लेवल पर काम करने वाली स्टार्टअप कंपनी है, उसकी मु्श्किलों का दौर रुकने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में स्टार्टअप के अपना बेंगलुरु ऑफिस छोड़ा, जिसकी वजह कंपनी ने लागत कम करना बताया था। अब इसके एक को-फाउंडर Dalvir Suri ने स्टार्टअप का साथ छोड़ने का फैसला किया है।

Dunzo के CEO कबीर बिस्वास ने दी जानकारी 

इस बारे में सीईओ कबीर बिस्वास ने 1 अक्टूबर को एक ईमेल के जरिए कंपनी के कर्मचारियों को जानकारी दी। बता दें, साल 2014 में शुरू हुई Dunzo को सूरी ने मई 2015 में जॉइन किया था,ये वो समय था जब Dunzo केवल वॉट्सऐप पर ऑर्डर एक्सेप्ट करता था। को-फाउंडर के रूप में सूरी ने कबीर बिस्वास, अंकुर अग्रवाल और मुकुंद झा के साथ काम किया। Dunzo के 4 को-फाउंडर होने के बावजूद, बिस्वास अकेले ऐसे व्यक्ति हैं जिनके पास कंपनी में इक्विटी है।

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वहीं बिस्वास की Dunzo में लगभग 3.6 प्रतिशत हिस्सेदारी हैं। इसके अलावा सूरी, अग्रवाल और झा केवल एक फिक्स्ड सैलरी पर कार्यरत हैं। Dunzo ऐसे समय में है, जब यहां नकदी की कमी चल रही है। और कंपनी ऑपरेशंस को चालू रखने की कोशिश कर रही है।

क्या करते थे Dalvir Suri

वैसे तो सूरी कंपनी के सभी परिचालन देखते थे लेकिन उन पर विशेष रूप से Dunzo के बी2बी कारोबार डंज़ो मर्चेंडाइज सर्विस (डीएमएस) को बढ़ाने की जिम्मेदारी थी। डीएमएस की अब स्टार्टअप के कुल बिजनेस में बड़ी हिस्सेदारी है क्योंकि क्विक-कॉमर्स बिजनेस को कम कर दिया गया है।

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यह कदम इसलिए उठाना पड़ा क्योंकि घाटा बढ़ रहा था और Dunzo को अब लागत बचानी है। इसीलिए Dunzo बेंगलुरु में अपना ऑफिस स्पेस भी छोड़ रही है। यहां तक कि तीन दौर की छंटनी में सैकड़ों कर्मचारियों को निकाला जा चुका है।

 

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First Published - October 2, 2023 | 11:42 AM IST

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