facebookmetapixel
Advertisement
प्राइमरी मार्केट में बंपर हलचल: 7 से 15 सितंबर के बीच खुलेंगे 11 IPOs, ₹7,055 करोड़ जुटाने की तैयारीविदेशी निवेशकों का बदला रुख, सितंबर के पहले हफ्ते में शेयर बाजार से निकाले ₹7,443 करोड़PM Kisan की 24वीं किस्त कब आएगी? जानें संभावित तारीख, पात्रता और e-KYC की पूरी जानकारीदेश भर में फिर सक्रिय हुआ मॉनसून, दिल्ली-NCR समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारीपश्चिम एशिया में जंग फिर तेज: अमेरिका ने खार्ग द्वीप के पास ईरानी जहाजों को बनाया निशाना, ईरान ने भी दी चेतावनी4000 लोगों की जा सकती है नौकरी! JLR बड़ी छंटनी की तैयारी में, बढ़ते खर्च से कंपनी परेशानसुभाष चंद्रा की बढ़ीं मुश्किलें: CBI ने दर्ज की FIR, फर्जी कागज दिखाकर ₹1,322 करोड़ के फ्रॉड का आरोपएक शेयर पर ₹60 का मोटा डिविडेंड! पावर ट्रांसमिशन सेक्टर से जुड़ी कंपनी का तोहफा, रिकॉर्ड डेट फिक्सNPS में ‘नो मिनिमम इन्वेस्टमेंट’ का क्या है सच? एक्सपर्ट से समझें, किसे मिलेगा फायदा और किसे नहींटाटा मोटर्स खरीदेगी इटली की मशहूर इवेको ग्रुप, €3.82 अरब की डील से ग्लोबल मार्केट में बढ़ेगा दबदबा

अदाणी पर फिर बोली कांग्रेस, कहा- कुछ तो छुपा रहा है ग्रुप

Advertisement
Last Updated- May 31, 2023 | 5:56 PM IST
Shares of this company of Adani Group have given 800% return, now there will be a deal worth Rs 3,000 crore with Reliance Power Adani Group की इस कंपनी के शेयरों ने दिया है 800% रिटर्न, अब Reliance Power के साथ होगी 3,000 करोड़ की डील

कांग्रेस ने एक अंतरराष्ट्रीय ऑडिटर की राय का हवाला देते हुए बुधवार को दावा किया कि अगर अदाणी समूह की नजर में सबकुछ ठीक है तो आरोपों की जांच में किसी स्वतंत्र इकाई को शामिल क्यों नहीं किया गया। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह कहने के साथ ही दावा भी किया कि दाल में कुछ तो काला है।

अमेरिकी संस्था ‘हिंडनबर्ग रिसर्च’ की कुछ महीने पहले आई रिपोर्ट में अदाणी समूह पर वित्तीय अनियमितता के आरोप लगाए गए थे। इसके बाद से कांग्रेस लगातार इस मामले को उठाते हुए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से इसकी जांच कराने की मांग कर रही है।

अदाणी समूह ने सभी आरोपों को खारिज किया है। रमेश ने बुधवार को एक खबर का हवाला देते हुए ट्वीट किया, “ऑडिटर ‘डेलॉइट हास्किन्स एंड सेल्स’ स्पष्ट रूप से अदाणी के खोखले “क्लीन चिट” के दावों को नहीं मान रहा है, यहां तक कि सेबी की भी जांच जारी है। इसने कहा है कि तीन संस्थाओं के साथ अदाणी पोर्ट्स के लेन-देन को असंबंधित पार्टियों के साथ नहीं दिखाया जा सकता है और इसीलिए इसने कंपनी के खातों पर “क्वालिफाइड ओपिनियन” (प्रमाणित राय) जारी की है। इसमें आगे कहा गया है कि अदाणी ने “एक स्वतंत्र बाहरी जांच करवाने से इंकार कर दिया है।”

उनका कहना है, ‘‘ऐसे में सवाल उठता है कि अडाणी पोर्ट्स क्या छुपा रहा है? दावे के अनुसार यदि सब कुछ ठीक है तो आपने ऑडिटर की चिंताओं को दूर करने के लिए एक स्वतंत्र इकाई को जांच में शामिल क्यों नहीं किया? दाल में कुछ तो काला है।’’

Advertisement
First Published - May 31, 2023 | 5:56 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement