facebookmetapixel
Advertisement
मुकेश अंबानी का बड़ा बयान: आयातित ऊर्जा पर निर्भरता लंबे समय के लिए ठीक नहीं, ग्रीन एनर्जी में निवेश बढ़ाएगी RILईशा अंबानी का मेगा प्लान: ₹1 लाख करोड़ के राजस्व लक्ष्य के साथ देश की सबसे बड़ी FMCG कंपनी बनेगी RCPLमुकेश अंबानी का बड़ा ऐलान: जामनगर में दुनिया का सबसे बड़ा AI कंप्यूट प्लेटफॉर्म बनाएगी रिलायंसGold Price Crash: फेड के सख्त रुख और मजबूत डॉलर से टूटा सोना, लगातार तीसरे सप्ताह आई भारी गिरावटReliance Stocks: JIO IPO से चमकेगी रिलायंस की किस्मत, शेयरों की रेटिंग में बड़े सुधार के संकेतNifty IT Crash: एक्सेंचर के झटके से बाजार में हाहाकार, निफ्टी IT इंडेक्स 2023 के बाद सबसे निचले स्तर परReliance AGM 2026: देश का सबसे बड़ा 4 अरब डॉलर का IPO लाएगी JIO, SEBI के पास ड्राफ्ट जमाShare Market Crash: IT शेयरों में भारी बिकवाली से मचा हड़कंप, सेंसेक्स 600 अंक से ज्यादा टूटा40 सुपरटैंकर और 80 मिलियन बैरल तेल: जानिए क्यों दुनिया भर की नजरें टिकी हैं होर्मुज परमहंगाई को लेकर सावधान रहने की जरूरत, इसलिए नहीं बदलीं ब्याज दरें: RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा

नहीं रहा धान उत्पादकों का बटुआ वजनदार

Advertisement
Last Updated- December 08, 2022 | 1:43 AM IST

इस बार देश के कई राज्यों के किसानों को धान के एवज में पिछले साल से भी कम कीमत मिल रही है।


हालांकि कुछ राज्यों में इसकी कीमतें थोड़ी बढ़ी है पर वह मामूली है। हालत यह है कि हरियाणा और पंजाब की मंडी में पूसा बासमती-1 धान पिछले साल से भी कम मूल्य पर मिल रहे हैं।
हरियाणा में धान के मूल्य में पिछले साल के मुकाबले 31 फीसदी की गिरावट हो चुकी है।

पिछले साल जो धान 1,285 रुपये प्रति क्विंटल में बेचा जा रहा था, वह इस बार की समान अवधि में महज 880 रुपये प्रति क्विंटल में बिक रहा है। राजस्थान में जिस धान का मूल्य पिछले साल अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में 1,166 रुपये प्रति क्विंटल पर था, वह इस समय 896 रुपये प्रति क्विंटल में बिक रहा है यानी कि इसकी कीमत 23 फीसदी गिर चुकी है।

 पश्चिम बंगाल में तो धान पिछले साल के मुकाबले 13 फीसदी तक घट चुका है। इस साल धान की कीमत में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी की गुंजाइश नहीं है।पूसा बासमती-1 धान पिछले साल जहां 2,050 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बिक रहा था, वहीं इस बार यह 1800 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बेचा जा रहा है।

ऐसा में किसानों की ओर से मांग हो रही है कि बासमती के निर्यात पर लगने वाले कर में छूट दी जाए। बासमती पर लगे निर्यात कर के कारण उन्हें कुछ खास लाभ नहीं हो रहा है। उल्लेखनीय है कि इस समय बासमती निर्यात पर 800 रुपये प्रति क्विंटल का कर देना पड़ता है।

वैसे पूसा-1121 जैसे गैर-बासमती धान पिछले साल के मुकाबले ज्यादा कीमत पर बिक रहे हैं। पिछले साल पूसा-1121 के भाव जहां 1,700 रुपये प्रति क्विंटल था, वहीं इस साल यह बढ़कर 2,550 रुपये प्रति क्विंटल तक जा पहुंचा है। पूसा-1121 के भाव में तेजी का रुख इसलिए है कि इसे बासमती की श्रेणी में लाने की चर्चा गर्म है।

Advertisement
First Published - October 27, 2008 | 12:40 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement