खाद्य तेल और तिलहनों की कीमतों पर नियंत्रण के लिए केंद्र ने राज्यों से इन जिंसों पर भंडारण की सीमा के आदेश को लागू करने को कहा है। एक आधिकारिक बयान में बुधवार को यह जानकारी दी गई।
केंद्र ने राज्यों से कहा है कि वे आपूर्ति शृंखला और व्यापार को बाधित किए बिना इस आदेश को लागू करें। केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने 3 फरवरी को खाद्य तेलों और तिलहनों पर भंडार सीमा को तीन महीने यानी 30 जून तक बढ़ाने का आदेश दिया था। आदेश में भंडारण की सीमा का भी उल्लेख था। मंत्रालय ने मंगलवार को सभी राज्यों और संघ शासित प्रदेशों के साथ इस योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की।
मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘बैठक के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि राज्यासंघ शासित प्रदेश स्टॉक सीमा के आदेश को लागू करें। लेकिन इस आदेश को लागू करते समय यह सुनिश्चित किया जाए कि आपूर्ति शृंखला और कारोबार में किसी तरह की अड़चन न आने पाए।’ बयान में कहा गया है कि इस कदम से अनुचित व्यवहार मसलन जमाखोरी, कालाबाजारी पर रोक लगेगी। राज्यों को खाद्य तेलों के मौजूदा अंतरराष्ट्रीय मूल्य परिदृश्य के बारे में भी बताया।