facebookmetapixel
Advertisement
Share Market Crash: IT शेयरों में भारी बिकवाली से मचा हड़कंप, सेंसेक्स 600 अंक से ज्यादा टूटा40 सुपरटैंकर और 80 मिलियन बैरल तेल: जानिए क्यों दुनिया भर की नजरें टिकी हैं होर्मुज परमहंगाई को लेकर सावधान रहने की जरूरत, इसलिए नहीं बदलीं ब्याज दरें: RBI गवर्नर संजय मल्होत्राMF मार्केट में बड़ा बदलाव! Zerodha लाया पहला ‘लाइफ साइकिल फंड’, सिर्फ ₹100 से निवेश की होगी शुरुआतग्रीन एनर्जी पर RIL का मेगा प्लान! जामनगर गीगा कॉम्प्लेक्स, कच्छ सोलर फार्म बनेंगे गेमचेंजर; बनेंगी 2 लाख नौकरियांApple यूजर्स को बड़ा झटका! महंगे हो सकते हैं iPhone, जानें वजह₹1 लाख करोड़ का बिजनेस, JIO IPO, Ajio और JioMart का विस्तार: ईशा अंबानी ने बताया RCPL का फ्यूचर प्लानITR filing: फॉर्म 16 से गायब रह सकती हैं ये 10 तरह की कमाई, ITR फाइल करते समय भूलना पड़ सकता है भारीRIL AGM 2026: जामनगर बनेगा दुनिया की पहली ऑटोनॉमस रिफाइनरी, पश्चिम एशिया संकट में 4 गुना बढ़ाई LPG सप्लाईReliance AGM में बोलीं ईशा अंबानी: रिलायंस रिटेल ने FY26 में रचा इतिहास, जियोमार्ट बना सबसे बड़ा क्विक कॉमर्स नेटवर्क

चीनी पर बढ़ सकता है MSP, अगले कुछ दिनों में फैसला लेगी सरकार

Advertisement

उद्योग निकायों ने सरकार से बढ़ती उत्पादन लागत के बीच मिलों को संचालन बनाए रखने में मदद करने के लिए एमएसपी को कम से कम 42 रुपये प्रति किलोग्राम तक बढ़ाने का आग्रह किया है।

Last Updated- July 27, 2024 | 4:21 PM IST
Sugar prduction

Sugar MSP: केंद्रीय खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने शनिवार को कहा कि सरकार अगले कुछ दिनों में चीनी के न्यूनतम बिक्री मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी पर फैसला ले सकती है।

ऑल इंडिया शुगर ट्रेड एसोसिएशन (AISTA) के एक सम्मेलन में उन्होंने कहा, ”हम एमएसपी प्रस्ताव पर चर्चा कर रहे हैं। आने वाले दिनों में उम्मीद करते हैं कि हम कोई फैसला लेंगे।”

गन्ना किसानों को दिए जाने वाले उचित और लाभकारी मूल्य (FRP) में वार्षिक बढ़ोतरी के बावजूद, चीनी का एमएसपी 2019 से 31 रुपये प्रति किलोग्राम पर बना हुआ है।

एमएसपी को कम से कम 42 रुपये प्रति किलो बढ़ाने का आग्रह

नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज (एनएफसीएसएफ) सहित उद्योग निकायों ने सरकार से बढ़ती उत्पादन लागत के बीच मिलों को संचालन बनाए रखने में मदद करने के लिए एमएसपी को कम से कम 42 रुपये प्रति किलोग्राम तक बढ़ाने का आग्रह किया है।

चोपड़ा ने कहा कि 2024-25 सत्र (अक्टूबर-सितंबर) के लिए चीनी उत्पादन आशाजनक दिख रहा है, जिसमें पिछले साल की समान अवधि के 57 लाख हेक्टेयर से बढ़कर अब तक 58 लाख हेक्टेयर तक गन्ने की बुवाई हो चुकी है।

चीनी सत्र 2023-24 में चीनी उत्पादन 3.2 करोड़ टन होने का अनुमान है, जो पिछले सत्र के 3.28 करोड़ टन से कम है, लेकिन 2.7 करोड़ टन की घरेलू मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त है।

इससे पहले, कार्यक्रम को संबोधित करते हुए खाद्य सचिव ने कहा कि कृषि मंत्रालय विभिन्न उपज से एथनॉल बनाने के लिए पानी की जरूरतों का मूल्यांकन करने के लिए अनुसंधान कर रहा है। शुरुआती निष्कर्षों से पता चलता है कि मक्का और चावल के मुकाबले गन्ने से एथनॉल बनाने के लिए कम पानी की जरूरत होती है।

Advertisement
First Published - July 27, 2024 | 4:20 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement