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हिंदुस्तान जिंक (HZL) की चेयरपर्सन ने की 1,700 अरब की बात

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भारत के पास अभी अवसर है क्योंकि उसके प्राकृतिक संसाधनों के भंडार का 15 प्रतिशत से भी कम उपयोग किया जा रहा है।

Last Updated- January 27, 2025 | 11:10 PM IST
खनन में भारत-अमेरिका बढ़ाएंगे सहयोग, India-US working on to deepen collaboration in mining, critical minerals

हिंदुस्तान जिंक (एचजेडएल) की चेयरपर्सन प्रिया अग्रवाल हेब्बार ने कहा है कि वैश्विक खनन क्षेत्र को ऊर्जा बदलाव के लिए अनुमानित रूप से 1,700 अरब डॉलर के निवेश की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘ऊर्जा बदलाव को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए हमें खनन क्षेत्र में 1,700 अरब डॉलर के निवेश की आवश्यकता है। हम भारत में एक अवसर देखते हैं। भारत एक ऐसी स्थिति में है जहां वह इस क्षेत्र में उन्नति कर सकता है।’

दावोस में हाल ही में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) में हेब्बार ने कई अवसरों पर वैश्विक ऊर्जा बदलाव से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर बात की। उन्होंने महत्वपूर्ण खनिजों के महत्व, जलवायु कार्रवाई रणनीतियों के भविष्य, मूल्य श्रृंखला में स्थिरता को शामिल करने, महिलाओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने और भारत की कार्यबल क्रांति को आगे बढ़ाने के बारे में भी बात की। हेब्बार इस प्रतिष्ठित मंच का हिस्सा बनी कुछ भारतीय महिला उद्यमियों में से एक थीं। वह वेदांत और हिंदुस्तान जिंक का प्रतिनिधित्व कर रही थीं।

उन्होंने कहा कि जहां अमेरिका, चीन और पश्चिम एशिया जैसे देशों ने प्राकृतिक संसाधनों के आधार पर अपनी अर्थव्यवस्थाओं को बढ़ाया है, वहीं भारत के पास अभी अवसर है क्योंकि उसके प्राकृतिक संसाधनों के भंडार का 15 प्रतिशत से भी कम उपयोग किया जा रहा है। हिंदुस्तान जिंक की चेयरपर्सन ने सरकार की प्रमुख पहल, जैसे महत्वपूर्ण खनिज मिशन की शुरुआत, महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉकों की नीलामी आदि पर भी प्रकाश डाला।

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First Published - January 27, 2025 | 11:03 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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