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किसानों के प्रदर्शन का गेहूं की खरीद पर असर नहीं, खाद्य मंत्रालय को नई फसल से पहले मामला सुलझने की उम्मीद

कई राज्य खरीद 1 मार्च से 15 मार्च के बीच पूरी करने की योजना बना रहे हैं। इससे पहले यह खरीद 1 अप्रैल से शुरू होती थी।

Last Updated- February 22, 2024 | 10:11 PM IST
Government will sell 30 lakh tonnes of wheat

खाद्य मंत्रालय को उम्मीद है कि प्रदर्शन कर रहे किसानों के साथ गतिरोध नई फसल की खरीद से पहले ही सुलझा लिया जाएगा। आमतौर पर देश के ज्यादातर हिस्सों में गेहूं की खरीद 1 अप्रैल से शुरू होती है। हालांकि सरकार ने आगामी सत्र के लिए किसानों को अग्रिम तारीख से पहले ही खरीदने की इजाजत दे दी है। इसके बाद कई राज्य खरीद 1 मार्च से 15 मार्च के बीच पूरी करने की योजना बना रहे हैं। इससे पहले यह खरीद 1 अप्रैल से शुरू होती थी।

खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘बड़े राज्यों में उत्तर प्रदेश ने पहले ही यह संकेत दे दिया है कि वह 1 मार्च से खरीद शुरू करेगी।’ उन्होंने यह भी बताया कि किसानों के जारी विरोध प्रदर्शन से खरीद प्रक्रिया प्रभावित नहीं होगी।

दिल्ली की सीमा के आसपास प्रदर्शन हिस्सा ले रहे ज्यादातर किसान पंजाब और हरियाणा से हैं। इन दोनों राज्यों का गेहूं के केंद्रीय पूल में सबसे बड़ा योगदान है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश भी देश के प्रमुख गेहूं उत्पादक क्षेत्रों में शामिल है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी यह आंदोलन जोर पकड़ रहा है।

चोपड़ा ने कहा कि केंद्र सरकार ने आंदोलन कर रहे किसानों को प्रस्ताव दिया है। गेहूं की फसल बेहतरीन है और अभी इस पर पहले से मौसम गर्म होने का कोई प्रभाव नहीं है।

उन्होंने कहा कि यदि आने वाले 10-15 दिनों में मौसम ऐसा ही बना रहता है तो अच्छी पैदावार की उम्मीद कर सकते हैं। सरकार ने 2024 में 11.4 करोड़ टन सालाना गेहूं उत्पादन का लक्ष्य रखा है। अगले कुछ दिनों में किसानों से गेहूं की खरीद का लक्ष्य भी तय हो जाएगा।

खाद्य सचिव चोपड़ा ने कहा, ‘इस सीजन में उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान में गेहूं खरीद बढ़ने की संभावना है। हम उन इलाकों में ज्यादा खरीद केंद्र खोलने की कोशिश कर रहे हैं जहां गेहूं की आवक व उत्पादन ज्यादा हो।’

उन्होंने बताया कि आटा भारत लॉन्च किए जाने के कारण आटे के भाव स्थिर रहे हैं।

First Published - February 22, 2024 | 10:11 PM IST

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