facebookmetapixel
Advertisement
Sensex फिसला, Nifty संभला- IT शेयरों की गिरावट से क्यों अटका बाजार?रियल एस्टेट में बड़ा मौका: बुजुर्गों की आवासीय परियोजना बनाने पर जोर, छोटे शहर बनेंगे ग्रोथ इंजनMSCI ने बदले इंडिया स्टॉक्स: किन शेयरों में आएगा पैसा, किनसे निकलेगा?Kotak MF के इस फंड ने दिया 48 गुना रिटर्न, ₹1,000 की SIP से 23 साल में बना ₹19.49 लाख का फंडQuality Funds में निवेश करें या नहीं? फायदे-नुकसान और सही स्ट्रैटेजी समझेंबंधन लाइफ ने लॉन्च किया नया ULIP ‘आईइन्‍वेस्‍ट अल्टिमा’, पेश किया आकर्षक मिड-कैप फंडभारत-अमेरिका व्यापार समझौते से सोयाबीन के भाव MSP से नीचे फिसले, सोया तेल भी सस्ताअब डाकिया लाएगा म्युचुअल फंड, NSE और डाक विभाग ने मिलाया हाथ; गांव-गांव पहुंचेगी सेवाTitan Share: Q3 नतीजों से खुश बाजार, शेयर 3% चढ़कर 52 वीक हाई पर; ब्रोकरेज क्या दे रहे हैं नया टारगेट ?गोल्ड-सिल्वर ETF में उछाल! क्या अब निवेश का सही समय है? जानें क्या कह रहे एक्सपर्ट

कमजोर फसल के बाद भी सोयाबीन के दाम MSP से 20% नीचे, मंडियों में भाव गिरावट के साथ बिक रहे

Advertisement

सोयाबीन के दाम एमएसपी से काफी नीचे चले गए हैं क्योंकि बारिश और कम बोआई से उत्पादन प्रभावित हुआ है जबकि कमजोर मांग और अंतरराष्ट्रीय सस्ते भाव ने कीमतें दबाई

Last Updated- October 09, 2025 | 6:24 PM IST
soybean
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

सोयाबीन की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है। सोयाबीन के दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से काफी नीचे चल रहे हैं। ऐसा तब हो रहा है, जब बारिश से सोयाबीन की फसल को नुकसान हुआ है। इसके साथ ही मंडियों में सोयाबीन की आवक भी कम हो रही है। जिंस विश्लेषकों की मानें तो कमजोर उत्पादन और आवक के बीच भाव बढ़ना चाहिए, लेकिन सोयाबीन सस्ता हो रहा है। इसकी वजह इस सोयाबीन की मांग कमजोर होना है।

एमएसपी से 20 फीसदी नीचे हैं सोयाबीन के भाव

मंडियों में सोयाबीन की नई आवक हो चुकी है। हालांकि यह पिछले साल से कम ही है। सोयाबीन की बेंचमार्क मंडी इंदौर में सोयाबीन 4,300 रुपये क्विंटल के करीब बिक रहा है। महाराष्ट्र की मंडियों में भाव 3,500 से 4,000 रुपये क्विंटल के बीच चल रहे हैं। सोयाबीन के दाम एमएसपी से काफी नीचे हैं। केंद्र सरकार ने वर्ष 2025-26 के लिए सोयाबीन का एमएसपी 5,328 रुपये क्विंटल घोषित किया है, जबकि इंदौर के भाव पर ही देखा जाए तो सोयाबीन एमएसपी से 1,000 रुपये नीचे बिक रही है। मध्य प्रदेश के सोयाबीन किसान सुनील पाटीदार ने कहा कि इंदौर में भले भाव 4,300 रुपये क्विंटल हों, लेकिन धार, हरदा व अन्य मंडियों में सोयाबीन एमएसपी से 1,500 रुपये से ज्यादा नीचे बिक रही है।

Also Read: उत्तर बंगाल में भारी बारिश और भूस्खलन ने चाय उत्पादन को किया प्रभावित, बागानों में गंभीर नुकसान

आखिर क्यों आ रही है सोयाबीन की कीमतों में गिरावट?

कमोडिटी एक्सपर्ट और एग्रोकॉर्प इंटरनेशनल में रिसर्च हेड इंद्रजीत पॉल ने बताया कि मंडियों में भले नये सोयाबीन की आवक शुरू हो गई है। लेकिन आवक पिछले साल से कम ही हो रही है। जिंसों के दाम व आवक के आंकड़े रखने वाली एजेंसी एगमार्कनेट के मुताबिक इस साल 1 से 9 अक्टूबर के बीच मंडियों में 1.44 लाख टन सोयाबीन की आवक हुई है, जो पिछली समान अवधि की आवक 3.16 लाख टन से काफी कम है। फिर भी सोयाबीन के दाम गिर रहे हैं। इसकी वजह सोयाबीन की मांग कम होना है। सोयाबीन में इस समय नमी ज्यादा है। इसलिए पेराई वाले इसको कम खरीद रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोयाबीन और सोया तेल सस्ता है। सोया खली की मांग भी कमजोर है। यही कारण है कि कारोबारी, स्टॉकिस्ट और मिल वाले अभी धीमी गति से सोयाबीन खरीद रहे हैं। लिहाजा सोयाबीन के दाम में गिरावट दर्ज की जा रही है।

बारिश से सोयाबीन की फसल को नुकसान

इस साल सोयाबीन की बोआई कम हुई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस खरीफ सीजन में 120.45 लाख हेक्टेयर में सोयाबीन बोया गया है, जबकि पिछले सीजन में यह आंकड़ा इससे अधिक 129.55 लाख हेक्टेयर था। कम रकबा के बीच बारिश से सोयाबीन को नुकसान भी हुआ है। सोयाबीन किसान सुनील पाटीदार ने कहा कि हाल में कटाई के समय बारिश होने से सोयाबीन को नुकसान हुआ है। जिससे एक बीघा में 2 से 2.5 क्विंटल ही सोयाबीन निकल रहा है, जबकि इसे 3 से 4 क्विंटल निकलना चाहिए। पॉल ने कहा कि बोआई में कमी और अब बारिश से नुकसान के कारण कारोबारी अनुमान के मुताबिक इस साल 100 लाख टन सोयाबीन का उत्पादन होने का अनुमान है। पिछले साल यह आंकड़ा 110 लाख टन था।

Advertisement
First Published - October 9, 2025 | 6:07 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement