facebookmetapixel
Advertisement
Dr Reddy’s Share Price: Q1 नतीजों के बाद 9% टूटा शेयर, 52 हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंचा; ब्रोकरेज की क्या है राय?IndusInd Bank पर बढ़ा ब्रोकरेज का भरोसा? Q1 के बाद स्टॉक पर क्या हो निवेश की स्ट्रैटेजीNCDEX के जरिए म्युचुअल फंड में हो सकेगा ट्रांजैक्शन, 29 जुलाई को शुरू होगा प्लेटफॉर्मबाजार में गिरावट के बीच एक्सपर्ट की पसंद बने ये 3 शेयर, जानें टारगेट और स्टॉप लॉसEternal Share Price: तिमाही नतीजों के बाद चमका Eternal का शेयर! ब्रोकरेज भी बुलिश, 40% तक तेजी की उम्मीदNew Brezza 2026: कॉम्पैक्ट SUV सेगमेंट में नई ब्रेजा देगी टक्कर! पहली बार कार खरीदने वालों पर मारुति का दांवसोना-चांदी की तेजी पर लगा ब्रेक, जानें आज कितने गिरे भावप्रधानमंत्री मोदी का पेपर लीक पर बड़ा ऐलान, दोषियों को सजा देने बनाएंगे फास्ट-ट्रैक कोर्टहाई-टेक स्टार्टअप के लिए कमजोर रही वीसी फंडिंग, क्या Semicon 2 के बाद बदलेगा माहौल?TVS Motor ने बनाया ग्लोबल ग्रोथ रोडमैप, अफ्रीका और यूरोप पर रहेगा फोकस

प्रतिबंध के बावजूद भारत से पाक का आयात दोगुना बढ़ा

Advertisement
Last Updated- December 11, 2022 | 5:17 PM IST

अप्रैल में पाकिस्तान में सरकार बदलने के बाद से ही प्रतिबंध के बावजूद पाक ने अपने पड़ोसी देश भारत के साथ व्यापार बढ़ा दिया है। भारत ने पाक को इस अप्रैल-मई के महीने में कुल 14.2 करोड़ डॉलर का निर्यात किया है जो पिछले साल की इसी अवधि में किए गए कुल निर्यात 7 करोड़ डॉलर के दोगुने से भी अधिक है। इस दौरान पाक ने भारत से 8.6 करोड़ डॉलर मूल्य की चीनी आयात की।
वित्त वर्ष 22-23 के शुरुआती दो महीनों में पाकिस्तान ने भारत से कुल 282 वस्तुओं का आयात किया जिनमें 67 चिकित्सा से जुड़ी हैं। चीनी और दवाओं के अलावा कार्बनिक रसायन, वस्त्र और परिधान, खनिज ईंधन, कॉफी, चाय, मसाले, रबर, फल और सब्जियां, प्लास्टिक, लोहा और इस्पात, माचिस आदि जैसी वस्तुओं का पाक ने भारत से आयात किया है।
पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के अध्यक्ष शहबाज शरीफ ने 11 अप्रैल को उस समय पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का पद संभाला जब तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी नेतृत्व वाली इमरान सरकार को विश्वास मत खोने के कारण सरकार से इस्तीफा देना पड़ा। मई में पाकिस्तान की नवनियुक्त सरकार ने दिल्ली में पाकिस्तानी दूतावास में एक वरिष्ठ अधिकारी को व्यापार मंत्री का दर्जा दिया। हालांकि पाकिस्तानी समाचार पत्र डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक यह नियुक्ति नियमित थी। इससे भारत-पाकिस्तान के व्यापार संबंधों में कोई बदलाव नहीं आने वाला है।
2019 में भारत द्वारा जम्मू-कश्मीर का धारा 370 के तहत विशेषाधिकार समाप्त करने के बाद पाकिस्तान की इमरान खान सरकार ने भारत के साथ सभी तरह के व्यापार पर रोक लगा दी थी। लेकिन कोरोना महामारी के दौरान मई 2020 में चिकित्सा और दवा जैसी वस्तुओं को दोबारा आयात करने का फैसला लिया गया।
भारत ने भी फरवरी 2019 में पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन (एमएफएन) का दर्जा वापस ले लिया था और पाकिस्तान से सभी प्रकार के आयात पर 200 प्रतिशत का टैरिफ लगा दिया था।  हालांकि यह भारत और पाक के बीच आयात-निर्यात पर पूरी तरह प्रतिबंध नहीं था।
इस कारण भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार जो वित्त वर्ष 2019 में 2.6 अरब डॉलर था वह वित्त वर्ष 2020 में गिरकर 83.1 करोड़ डॉलर, वित्त वर्ष 2021 में 32.9 करोड़ डॉलर और वित्त वर्ष 22 में 51.6 करोड़ डॉलर हो गया। इसमें भारत द्वारा पाकिस्तान से आयात लगभग शून्य था। मार्च 2021 में पाकिस्तान के वित्त मंत्री की अध्यक्षता वाली आर्थिक समन्वय समिति ने घरेलू कीमतों में तेजी को देखते हुए भारत से चीनी तथा सूती कपड़े आयात करने का प्रस्ताव दिया लेकिन 24 घंटे के अंदर ही पाकिस्तानी कैबिनेट ने इसे राजनीतिक कारणों से ठुकरा दिया।
नई दिल्ली स्थित थिंक टैंक इंडियन काउंसिल फॉर रिसर्च ऑन इंटरनेशनल इकोनॉमिक रिलेशंस में व्यापार, निवेश और विदेश संबंध की प्रोफेसर निशा तनेजा का कहना है कि दोनों देशों के बीच व्यापार कई वस्तुओं का हो रहा है।
दोनों देश कई वस्तुओं को लेकर एक दूसरे पर निर्भर हैं। जो इसके व्यापार को खोलने के लिए आधार तैयार करता है और इससे दोनों देश को लाभ भी प्राप्त होगा। दोनों एक सकारात्मक सूची तैयार कर व्यापार शुरू कर सकते हैं जिसका बाद में और विस्तार हो सकता है।

Advertisement
First Published - July 27, 2022 | 12:53 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement