facebookmetapixel
Advertisement
ट्रंप ने की पीएम मोदी की जमकर तारीफ, बोले: 150 करोड़ लोगों का यह नेता है असली ‘टफ कुकी’NEET UG 2026: नागपुर के छात्र को मिला अबू धाबी का परीक्षा केंद्र, NTA की लापरवाही से परिवार परेशानBonus Stocks Alert: अगले हफ्ते इन 2 कंपनियों के निवेशकों की चमकेगी किस्मत, मिलेंगे मुफ्त में शेयरOMC को भारी चपत: तेल कंपनियों को लगा ₹22,000 करोड़ का बड़ा झटका, बाजार से कम दाम पर बेची रसोई गैसCrude Oil Import: पश्चिम एशिया संकट की भारी चपत, बराबर तेल खरीदने के बाद भी 81.5% बढ़ा भारत का खर्चRBI Regulatory Action: विदेश से जुटाई उधारी की रोज देनी होगी जानकारी, RBI ने बैंकों को दिया कड़ा निर्देशबैंकिंग सेक्टर में हलचल! वारी रिन्यूएबल्स के बड़े सौदे को हरी झंडी, HSBC इंडिया ने दिए ₹1,255 करोड़देश के बड़े कैंसर अस्पताल HCG ऑन्कोलॉजी हॉस्पिटल का रजिस्ट्रेशन सस्पेंड, नियमों की अनदेखी को लेकर हुई कार्रवाईAmazon ने तय समय से पहले हासिल किया बड़ा लक्ष्य, भारत में बनी ‘वॉटर पॉजिटिव’ कंपनीमहिला श्रम शक्ति में उछाल: असंगठित क्षेत्र में महिलाओं की हिस्सेदारी दो-तिहाई के पार, ई-श्रम पोर्टल पर रिकॉर्ड पंजीकरण

बढ़ने लगा कच्चा तेल

Advertisement
Last Updated- December 07, 2022 | 11:49 PM IST

बैंकों में लोगों का विश्वास बहाल करने के लिए दुनिया भर की सरकारों के सक्रिय हो उठने से सोमवार को कच्चे तेल पर असर दिखा।


पिछले साल भर के न्यूनतम स्तर तक पहुंचने के बाद कच्चे तेल में फिर तेजी दिखी और भाव 3.70 डॉलर की मजबूती के साथ 81 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गया। नवंबर अनुबंध वाला यूएस कच्चा तेल 3.70 डॉलर की मजबूती के साथ 81.40 डॉलर तक पहुंच गया है।

उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को कच्चा तेल पिछले साल भर के न्यूनतम स्तर 77.70 डॉलर प्रति बैरल तक लुढ़क गया था। इस तरह महज तीन महीने में ही कच्चा तेल 50 फीसदी से ज्यादा लुढ़क चुका है।

एक जिंस विश्लेषक के मुताबिक, पिछले हफ्ते अर्थव्यवस्था की दशा सुधारने के लिए बैंकों द्वारा उठाए गए कदम का सकारात्मक असर बाजार पर दिखा है। इस बीच निवेश बैंक गोल्डमैन सैक्स ने कहा है कि मौजूदा वित्तीय संकट ने अपना काम कर दिया है।

मौजूदा संकट से बाजार को जो नुकसान पहुंचा है उससे उबरना आसान नहीं है। इस निवेश बैंक ने सोमवार को आशंका जतायी कि यदि आर्थिक संकट गहराया तो मांग घटने से कच्चा तेल एक बार फिर 50 डॉलर तक पहुंच सकता है। बैंक की कमोडिटी मार्केट रिसर्च टीम ने कहा कि हमलोगों ने आर्थिक संकट के असर और इसकी अवधि को कम करके आंका है।

Advertisement
First Published - October 14, 2008 | 12:36 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement