facebookmetapixel
Advertisement
लखनऊ के कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग, 15 छात्रों के मौत की खबर; रेस्क्यू ऑपरेशन जारीमई में सुस्त पड़ी बुनियादी ढांचे की रफ्तार, कोर सेक्टर्स की ग्रोथ 7 महीने के निचले स्तर 0.5% पर आईचीन ने अमेरिका पर किया बड़ा पलटवार, लॉकहीड मार्टिन समेत 10 दिग्गज डिफेंस कंपनियों पर लगाया प्रतिबंधक्या टैरिफ पर झुकेगा अमेरिका? अन्य एशियाई देशों से बेहतर डील चाहता भारत, ग्रीर से बातचीत में लगाएगा दांवकौन हैं ‘किंग ऑफ द नॉर्थ’ एंडी बर्नहैम, जो ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री की रेस में सबसे आगे चल रहे हैंDefence Exports: अमेरिकी हथियारों के विकल्प तलाश रहा यूएई, भारत से ब्रह्मोस खरीदने पर बातचीतTata MF NFO: बदलते सेक्टर ट्रेंड्स से कमाई का मौका, मल्टी-सेक्टर पैसिव FoF में ₹5000 से निवेश शुरूBJP का पहला बंगाल बजट: 1 लाख नौकरियां, DA में 20% इजाफा, अन्नपूर्णा योजना के लिए ₹36,000 करोड़; देखें बड़े ऐलानपश्चिम बंगाल सरकार ने DA/DR 20% बढ़ाया: इससे कर्मचारियों के ‘इन हैंड’ सैलरी में कितनी बढ़ोतरी होगी?क्या RBI बढ़ाने जा रहा है ब्याज दरें? MPC मिनट्स में मिले बड़े संकेत

कंपनी कानून के कोल्हू में बलरामपुर

Advertisement
Last Updated- December 09, 2022 | 11:51 PM IST

चीनी बनाने वाली देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी बलरामपुर चीनी मिल्स भी कंपनी अधिनियम की धाराओं में उलझ गई है।
कंपनी मामलों के मंत्रालय ने इस कंपनी के निदेशकों पर अधिनियम की अनुसूची 6 (धारा 211) और लेखा मानकों का उल्लंघन करने का आरोप जड़ते हुए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
मंत्रालय ने जनवरी के पहले हफ्ते में कोलकाता में कंपनी के क्षेत्रीय निदेशकों को चिट्ठी भेजी, जिसमें कार्रवाई शुरू होने की जानकारी दी गई थी और 30 दिन के अंदर रिपोर्ट पेश करने की बात भी कही गई थी।
मंत्रालय के एक निरीक्षण अधिकारी के मुताबिक कानूनी कार्रवाई कंपनी, उसके निदेशकों और ऑडिटरों के खिलाफ शुरू हुई है। कंपनी के खातों को ऑडिट करने का काम कोलकाता की ही कंपनी जी पी अग्रवाल ऐंड कंपनी करती है। मंत्रालय ने ऑडिटरों के काम की पड़ताल के लिए यह मामला आईसीएआई के पास भी भेजा है।
इस बारे में कंपनी ने कहा, ‘कंपनी अधिनियम की धारा 209 ए के तहत फरवरी 2008 में निरीक्षण हुआ था और लेखा मानकों से संबंधित कुछ दिक्कतें मिली थीं। लेकिन इस मामले में कंपनी लॉ बोर्ड के पास हम गए थे। बोर्ड ने कंपनी पर 18,000 रुपये का जुर्माना ठोका और मामला खत्म हो गया।’
धारा 209 ए में कंपनियों के खातों की जांच का मामला होता है। यदि कोई कंपनी इसका पालन नहीं करती है, तो उससे जुड़े प्रत्येक अधिकारी पर 5,000 रुपये का जुर्माना हो सकता है और अधिकतम 1 वर्ष की कैद उसे हो सकती है। विवेक सरागोई द्वारा प्रवर्तित बलरामपुर चीनी की पूर्वी उत्तर प्रदेश में 10 चीनी मिलें हैं। कंपनी एथेनॉल का उत्पादन भी करती है।
कानून के उल्लंघन से स्वाद कड़वा
कंपनी के निदेशकों पर अनुसूची 6 (धारा 211) के उल्लंघन का आरोप
कार्रवाई हो गई है शुरू, 30 दिन मिले जवाब देने के लिए
कंपनी ने भी की पूछताछ होने की पुष्टि, मगर मामला निपटने की बात

Advertisement
First Published - February 4, 2009 | 11:24 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement