केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा कि सरकार इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग पर खर्च बढ़ाएगी। उन्होंने Union Budget 2026-27 पेश करते हुए बताया कि इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के लिए अब 40,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
वित्त मंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग योजना अप्रैल 2025 में शुरू की गई थी। उस समय इसके लिए 22,919 करोड़ रुपये रखे गए थे। अब सरकार ने इस योजना का बजट बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये करने का फैसला किया है।
सरकार देश में इलेक्ट्रॉनिक्स बनाने पर लगातार जोर दे रही है। इसके चलते मोबाइल फोन उत्पादन में बड़ी बढ़ोतरी हुई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2014-15 में मोबाइल फोन का उत्पादन 18,000 करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 5.45 लाख करोड़ रुपये हो गया है।
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वित्त मंत्री ने बजट 2026-27 में घरेलू उत्पादन बढ़ाने के लिए कई नई योजनाओं का ऐलान किया।
उन्होंने बताया कि कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग के लिए 10,000 करोड़ रुपये की नई योजना लाई जा रही है। इसका मकसद भारत में एक मजबूत और दुनिया में मुकाबला करने वाला उद्योग तैयार करना है। इस योजना से निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े उपकरणों के घरेलू उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा। इसमें मेट्रो और सड़कों के लिए सुरंग बनाने वाली मशीनें और ऊंची इमारतों में लगने वाली लिफ्ट शामिल हैं।
इसके अलावा, वित्त मंत्री ने कहा कि तीन विशेष केमिकल पार्क बनाए जाएंगे। इससे देश में केमिकल उत्पादन बढ़ेगा और बाहर से मंगाने की जरूरत कम होगी।
उन्होंने यह भी बताया कि कैपिटल गुड्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए दो जगहों पर हाई-टेक टूल रूम स्थापित किए जाएंगे।
सरकार का कहना है कि इन कदमों से देश में मैन्युफैक्चरिंग मजबूत होगी और रोजगार के नए मौके पैदा होंगे।