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लेखक : संजीब मुखर्जी

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार, कमोडिटी

भारतीय किसान संघ की सरकार को चेतावनी, किसानों की मांगें समय से पूरी नहीं हुई तो आएगा संकट

नरेंद्र मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद पहली बार रामलीला मैदान में आयोजित एक रैली में आरएसएस से जुड़े भारतीय किसान संघ (बीकेएस) ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी चार प्रमुख मांगें जल्द से जल्द स्वीकार नहीं की गईं तो राज्यों और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को […]

अर्थव्यवस्था

क्या ज्यादा गरीबी वाले राज्य मनरेगा पर कम कर रहे खर्च?

केंद्र सरकार ने पूर्व ग्रामीण विकास सचिव अमरजीत सिन्हा की अध्यक्षता में एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति का गठन किया है। समिति को सरकार की प्रमुख योजना मनरेगा के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करना है, जिसमें वर्षों से चल रही इस योजना की गरीबी उन्मूलन में भूमिका, सरकारी ढांचे और व्यवस्था व खासकर व्यय के तरीकों […]

अन्य समाचार, आज का अखबार

गेहूं-चावल बिगाड़ रहे रसोई का बजट

मोटे अनाज की खुदरा महंगाई दर घटने का नाम नहीं ले रही है, भले ही कुल मिलाकर खाद्य महंगाई दर में नरमी आई है। खराब मौसम की मार से इन अनाज का उत्पादन घटा है, जिसके कारण ऐसा हो रहा है। नवंबर में मोटे अनाज की महंगाई दर अक्टूबर महीने के 12.08 फीसदी से बढ़कर […]

अन्य, आज का अखबार, भारत

सिर्फ 1 फीसदी किसान ही लेते हैं फसल मुआवजा

एक ताजा अध्ययन में पता चला है कि पिछले तीन वर्षो में सिर्फ 0.4 फीसदी काश्तकारों को जमींदारों से तेलंगाना सरकार की बहुचर्चित रैयतु बंधु आय सहायता का हिस्सा प्राप्त हुआ। जबकि, केवल 1 फीसदी को फसल क्षति के लिए मुआवजा मिला। हालांकि, उनमें से 77 फीसदी को अंतिम समय में किसी न किसी तरह […]

अर्थव्यवस्था, कमोडिटी

रूस-यू्क्रेन युद्ध से बिगड़ा भारत का उर्वरक खपत संतुलन

रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण भारत में पहले से चल रही उर्वरक की असंतुलित खपत इस खरीफ सत्र में और अधिक असंतुलित हो गई है। इस असंतुलन की वजह से लंबे समय तक मिट्टी के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका भी गहराने लगी है। 2019 के कोविड पूर्व अवधि की तुलना में इस बार […]

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