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लेखक : रुचिका चित्रवंशी

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार, समाचार

NFRA की बोर्ड मीटिंग 11-12 नवंबर को, नए ऑडिट मानकों पर होगी चर्चा!

नेशनल फाइनेंशियल रिपोर्टिंग अथॉरिटी (NFRA) की अगली बोर्ड मीटिंग 11-12 नवंबर को आयोजित की जाएगी। इस मीटिंग को इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि NFRA संशोधित इंटरनेशनल स्टैंडर्ड्स ऑन ऑडिटिंग (ISA 600) को अपनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा सकता है। इस प्रस्ताव पर पहले सार्वजनिक सुझाव मांगे गए थे जिसकी अंतिम तारीख […]

अंतरराष्ट्रीय, ताजा खबरें, भारत

अमेरिकी चुनाव का भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी दिखेगा असर; संरक्षणवाद, व्यापार और आयात पर उठ सकते हैं अहम सवाल

अमेरिका में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव 5 नवंबर को होने वाले हैं। अर्थशास्त्रियों का मानना ​​है कि अमेरिकी चुनाव के नतीजे भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए कई मुद्दे उठा सकते हैं, जिनमें संरक्षणवादी उपायों में वृद्धि से लेकर घरेलू वृद्धि एवं रोजगार पर असर तक शामिल हैं। इस मुद्दों का प्रभाव इस बात पर निर्भर […]

आज का अखबार, भारत

विवेक देवरॉय : अर्थशास्त्री ही नहीं, पौराणिक लेखक के रूप में छोड़ी छाप

मोदी सरकार की आर्थिक नीतियां गढ़ने में महत्त्वपूर्ण योगदान देने वाले विख्यात अर्थशास्त्री विवेक देवरॉय (69) का लंबी बीमारी के बाद शुक्रवार को निधन हो गया। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) के अध्यक्ष देवरॉय दिल्ली स्थित एम्स में भर्ती थे। हालांकि वह पूर्ववर्ती सरकारों में भी नीतियां बनाने में शामिल रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार

राजकोषीय घाटा सालाना लक्ष्य का 29 प्रतिशत

महालेखा नियंत्रक के ताजा आंकड़ों के मुताबिक चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में केंद्र का राजकोषीय घाटा 4.7 लाख करोड़ रुपये है। यह वित्त वर्ष 2025 के बजट अनुमान का 29.4 प्रतिशत है। यह पिछले साल की समान अवधि में बजट अनुमान के 39.9 प्रतिशत की तुलना में काफी कम है। सरकार ने चालू […]

आज का अखबार, उद्योग

आईबीबीआई का आईबीए संग करार

भारतीय दिवाला एवं ऋण शोधन अक्षमता बोर्ड (आईबीबीआई) ने एक परिपत्र जारी कर बताया है कि ऋणशोधन अक्षमता एवं दिवालिया संहिता (आईबीसी) के जरिये बिक्री वाली परिसंपत्तियां जल्द ही सूचीबद्ध की जाएंगी और उनकी नीलामी के लिए एक केंद्रीकृत मंच के तहत संभावित खरीदारों के लिए उपलब्ध होंगी। आईबीबीआई ने ई-बिक्री प्लेटफॉर्म के जरिये परिसंपत्तियों […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार

बैंकों का निजीकरण और लैटरल एंट्री है जरूरी: रजनीश मेहरा

एरिजोना यूनिवर्सिटी के अर्थशास्त्री रजनीश मेहरा ने कहा कि भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए पहला कदम बोझिल विनियमों को खत्म करना हो सकता है। उन्होंने नई दिल्ली में रुचिका चित्रवंशी से बातचीत में कहा कि सरकार में लैटरल एंट्री महत्त्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अफसरशाही स्वेच्छा से ऐसा कोई कार्य नहीं […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार

वित्त मंत्रालय की समीक्षा: शहरी मांग में नरमी, AI और मुद्रास्फीति पर निगरानी की जरूरत

वित्त मंत्रालय ने आज अपनी मासिक आर्थिक समीक्षा में कहा कि उपभोक्ता धारणा में नरमी और सामान्य से अधिक बारिश के कारण लोगों की सीमित आवाजाही के बीच शहरी मांग में आई नरमी पर नजर रखने की जरूरत है। साथ ही यह भी कहा है कि आर्टिफिशल इंटेलिजेंस के कारण कामगारों की नौकरियां खत्म होने […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार

रोजगार सृजन बड़ी वैश्विक समस्या: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि लगातार चल रही आर्थिक चुनौतियां और प्रौद्योगिकी में तेजी से हो रहे बदलाव रोजगार बाजार में जा रहे युवाओं के लिए जरूरी कौशल को नए सिरे से परिभाषित कर रहे हैं। इसके कारण रोजगार दुनिया भर में सबसे अहम समस्या बन गया है। विश्व बैंक अधिक रोजगार […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार

ऋण संकट से जूझ रहे देशों की मदद के लिए गहन संवाद जरूरी: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि ऋण संकट से जूझ रहे देशों की मदद के लिए गंभीरता से संवाद करने की जरूरत है। वाशिंगटन में विश्व बैंक और आईएमएफ वार्षिक बैठक 2024 के अवसर पर ग्लोबल सॉवरिन ऋण गोलमेज सम्मेलन में उन्होंने कहा कि महत्त्वपूर्ण निवेशों से समझौता किए बिना ऋण के पुनर्भुगतान में […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार

आंख मूंदकर स्वीकार नहीं कर सकते FDI: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि पड़ोसी देशों के साथ अति संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा उपाय के लिए भारत राष्ट्रीय हित में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश पर बंधन लगाएगा। मंगलवार को अमेरिका के व्हार्टन बिजनेस स्कूल में एक संवाद के दौरान वित्त मंत्री ने यह कहा। सीतारमण ने कहा, ‘मैं सिर्फ इसलिए आंख बंद […]

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