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अगर युद्ध एक महीने और जारी रहा तो दुनिया में खाद्य संकट संभव: मैट सिम्पसनहोर्मुज स्ट्रेट खुला लेकिन समुद्री बीमा प्रीमियम महंगा, शिपिंग लागत और जोखिम बढ़ेपश्चिम एशिया युद्ध का भारत पर गहरा असर, रियल्टी और बैंकिंग सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव मेंगर्मी का सीजन शुरू: ट्रैवल और होटल कंपनियों के ऑफर की बाढ़, यात्रियों को मिल रही भारी छूटबाजार में उतार-चढ़ाव से बदला फंडरेजिंग ट्रेंड, राइट्स इश्यू रिकॉर्ड स्तर पर, QIP में भारी गिरावटपश्चिम एशिया संकट: MSME को कर्ज भुगतान में राहत पर विचार, RBI से मॉरेटोरियम की मांग तेजRCB की बिक्री से शेयरहोल्डर्स की बल्ले-बल्ले! USL दे सकती है ₹196 तक का स्पेशल डिविडेंडतेल में बढ़त से शेयर और बॉन्ड में गिरावट; ईरान का अमेरिका के साथ बातचीत से इनकारगोल्डमैन सैक्स ने देसी शेयरों को किया डाउनग्रेड, निफ्टी का टारगेट भी घटायाकिधर जाएगा निफ्टीः 19,900 या 27,500; तेल और भू-राजनीति तनाव से तय होगा रुख

लेखक : निवेदिता मुखर्जी

आज का अखबार, लेख

सामयिक सवाल: दूरसंचार शुल्कों को दुरुस्त करने की जरूरत

आंकड़ों के हिसाब से देखा जाए तो भारतीय दूरसंचार क्षेत्र की कहानी किसी को भी चकित कर सकती है। लेकिन, जुलाई 1995 में भारत में पहली मोबाइल कॉल किए जाने के 30 साल बाद क्या यह एक सुखद कहानी है? सबसे पहले, बात करते हैं संख्याओं की। वैश्विक स्तर पर 9.1 अरब में से अकेले […]

अन्य समाचार

दूरसंचार क्षेत्र में नए अवसरों की शुरुआत, बोले सिंधिया- MTNL के कर्ज पुनर्गठन पर सरकार कर रही तैयारी

मोबाइल ब्रॉडबैंड हो या उपग्रह संचार, सरकार दूरसंचार के हर क्षेत्र में कई ऑपरेटर सुनि श्चित करने पर ध्यान दे रही है। यह बात संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शुभायन चक्रवर्ती और निवेदिता मुखर्जी से बातचीत में कही। उन्होंने कहा कि एमटीएनएल के कर्ज को पुनर्गठित करने के लिए बैंकों से बात की जाएगी। मुख्य […]

आज का अखबार, लेख

टाटा संस की सूचीबद्धता के मामले में सवाल

टाटा संस को शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने की अंतिम तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, 165 अरब डॉलर के कारोबारी समूह की नियंत्रक कंपनी, अपने भविष्य के कॉरपोरेट ढांचे को लेकर अनिश्चितता से घिरती हुई दिख रही है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि टाटा संस को […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार, भारत

PLI scheme: पीसी आयात पर अंकुश लगाने की योजना में ढील देगी सरकार

अगर कंपनियां उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के तहत देसी उत्पादन के वादे पर कायम रहती हैं तो सरकार लैपटॉप, ऑल-इन-वन पर्सनल कंप्यूटर, टैबलेट, अल्ट्रा-स्मॉल फॉर्म फैक्टर कंप्यूटर और सर्वर के आयात पर सभी संभावित प्रतिबंधों को खत्म करने के लिए तैयार है। सूत्रों ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को यह जानकारी दी। सभी प्रमुख लैपटॉप, […]

आज का अखबार, भारत

विदेशी कंपनियों की मुश्किलें बढ़ीं! डेटा ट्रांसफर पर सरकार का सख्त रुख, नहीं बदले जाएंगे नियम

सरकार द्वारा डेटा स्टोरेज और भारतीय नागरिकों से जुड़ी जानकारियां (डेटा) सीमा पार भेजने से संबंधित नियमों में बदलाव की उम्मीद नहीं है। सूत्रों ने बिजनेस स्टैंडर्ड को इसकी जानकारी दी। डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (डीपीडीपी) अधिनियम के मसौदा नियमों में डेटा स्टोरेज और इसके सीमा पार स्थानांतरण से जुड़े प्रावधानों का जिक्र है। इस […]

आज का अखबार, लेख

तकनीक पर कब्जे के दौर में संसाधनों की साझेदारी

स्पेन के बार्सिलोना शहर में हर साल होने वाला दूरसंचार सम्मेलन मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस इस बार कुछ खास रहा क्योंकि डॉनल्ड ट्रंप के दूसरी बार अमेरिकी राष्ट्रपति बनने के बाद दूरसंचार उद्योग के दिग्गज पहली बार एक साथ इकट्ठे हुए। इनमें टेलिफोनिका और चाइना मोबाइल से टेलस्ट्रा, टेलिनॉर और भारती एयरटेल तक के मुखिया शामिल […]

आज का अखबार, लेख

हल्के-फुल्के उपयोगी नियम-कायदों की जरूरत

इसमें कोई संदेह नहीं कि हल्के-फुल्के एवं आसान नियम-कायदे बनाने और लालफीताशाही कम करने से कारोबार चलाना भी आसान हो जाएगा और लोगों का जीवन भी सुगम हो जाएगा। सरकार पिछले कुछ समय से निवेशकों के लिए ‘रेड टेप’ (लालफीताशाही) यानी बेजा औपचारिकताओं और कायदों के जरिये बाधा पैदा करने वाले तौर-तरीकों को हटाकर ‘रेड […]

आज का अखबार, लेख

विकसित भारत: नई शुरुआत का समय

नए साल की शुरुआत विकसित भारत के नए संकल्प के साथ हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता से कहा है कि सरकार वर्ष 2047 तक देश को 30 ट्रिलियन यानी 30 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक देगी। भारत की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने में […]

आज का अखबार, भारत

इंडिया को भारत से जोड़ने की डिजिटल यात्रा

हाल में बिज़नेस स्टैंडर्ड की एक बैठक में पूरी चर्चा आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) के सूचना प्रौद्योगिकी से लेकर स्वास्थ्य सेवा एवं होटल कारोबार पर पड़ने वाले प्रभाव पर ही केंद्रित रही। हालांकि कोई भी निश्चित रूप से नहीं कह सकता है कि इसका क्या परिणाम होगा, इससे लोगों की नौकरियां जाएंगी या रोजगार के मौके […]

आज का अखबार, लेख

एआई के दौर में बराबरी के अवसरों का वादा

साल खत्म होने को है और इस वक्त पीछे मुड़कर देखना स्वाभाविक ही है। गुजरता साल कई चुनावों में हार-जीत का गवाह बना और भूराजनीतिक उथलपुथल के भी दूरगामी असर रहे। मगर भारत में तेज होड़ और समान अवसरों के वादे के बीच बहुत कुछ और भी हुआ, जिसकी बात नीचे की जा रही है। […]

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