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लेखक : जयंत सिन्हा

आज का अखबार, लेख

सभी के लिए यूनिवर्सल रिटायरमेंट अकाउंट बनाकर स्वामित्व आधारित समाज का निर्माण

भारत ऐसे दौर में प्रवेश कर रहा है जिसमें डिजिटल अवसंरचना, एल्गोरिद्म सिस्टम और आर्टिफिशल इंटेलिजेंस से बढ़ते रिटर्न के कारण आर्थिक लाभ की संरचना पूंजी का स्वामित्व रखने वालों के पक्ष में झुक सकती है। पूंजी लंबे समय तक बढ़ती रहेगी और अर्थव्यवस्था में मूल्य सृजन में इसका योगदान बढ़ता जाएगा। ऐसी स्थिति में, […]

आज का अखबार, लेख

यूनिवर्सल और भरोसेमंद AI एजेंट्स: भारत दुनिया को दे सकता है एक ब्लूप्रिंट

भारत अपनी डिजिटल यात्रा में अगली बड़ी छलांग लगाने के लिए तैयार है। एक दशक पहले हमने, जनसंख्या के एक बड़े वर्ग को ध्यान में रखकर, विशिष्ट पहचान वाले आधार और एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) जैसे तंत्र बनाए जिससे विशिष्ट पहचान और भुगतान सभी के लिए सुलभ हो गए। ये मंच इसलिए कारगर रहे क्योंकि […]

आज का अखबार, लेख

विचारों से उद्योग तक: रिसर्च लैब्स कैसे दे सकती हैं भारत की ‘ग्रीन फ्रंटियर’ को गति

किसी भी देश की लंबे समय तक चलने वाली समृद्धि और मजबूती का रहस्य क्या है, इसके बारे में नोबेल अर्थशास्त्र पुरस्कार समिति लगातार बताती रही है। जोएल मोकिर, फिलिप एगियों और पीटर हॉविट को यह बताने के लिए पुरस्कृत किया गया कि कैसे संस्कृति, संस्थान और ‘रचनात्मक विध्वंस’ यानी, पुराने और कम कुशल तरीकों […]

आज का अखबार, लेख

ग्रामीण क्षेत्रों में खरा सोना साबित हो रहा फसलों का अवशेष, बायोमास को-फायरिंग के लिए पॉलिसी जरूरी

भारत ने हाल के वर्षों में ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े संकट, वायु प्रदूषण और स्वच्छ ऊर्जा की जरूरतों जैसी चुनौतियों को हल करने के लिए कई महत्त्वपूर्ण कदम उठाए हैं। ऐसी ही एक नीति है कोयले से चलने वाले बिजली संयंत्रों में कोयले के साथ बायोमास पेलेट (जैविक अवशेष) भी जलाए यानी इस्तेमाल किए जाएं। […]

आज का अखबार, लेख

DigiYatra: भारत की डिजिटल उड़ान को नई पहचान देने वाला नवाचार

डिजिटल पहचान, निर्बाध आवागमन और नागरिक केंद्रित सेवाएं उपलब्ध कराने के इस दौर में ‘डिजियात्रा’ प्रणाली भारत के डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) में एक बेहतरीन नवाचार के रूप में सामने आई है। यह न केवल संपर्क रहित बोर्डिंग पास प्रणाली (कॉन्टैक्टलेस बोर्डिंग सिस्टम) है बल्कि दुनिया का पहला राष्ट्रीय डिजिटल यात्री पहचान प्लेटफॉर्म भी है। […]

आज का अखबार, लेख

सोलर दीदी को सशक्त बनाने की कवायद के मायने

भारत में कोयला खनन करने वाले राज्यों को ग्रामीण महिलाओं के लिए विशेष सौर कार्यक्रम से बहुत लाभ मिल सकता है। झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में ऐसे ही ‘सोलर दीदी कार्यक्रम’ लागू किए जा सकते हैं जिससे नेट जीरो उत्सर्जन वाली अर्थव्यवस्था की दिशा में बदलाव लाना सुनिश्चित हो सकेगा। इस कार्यक्रम के तहत […]

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