विशेष न्यायाधीश एस लाल दंत चिकित्सक दम्पति राजेश तलवार और नुपूर तलवार के खिलाफ 15 महीने लंबी सुनवायी के बाद इस मामले में अपना फैसला सुनाएंगे। दोनों इस समय जमानत पर चल रहे हैं। दोनों पर हत्या के साथ ही अपनी 14 वर्षीय पुत्री और नौकर की 1..16 मई 2008 की दरमियानी रात को नोएडा के जलवायु विहार स्थित आवास पर हुई हत्या का सबूत नष्ट करने का आरोप है।
उत्तर प्रदेश पुलिस और सीबीआई की अलग अलग तर्कों के साथ इस मामले में कई उतार चढ़ाव आये। शुरूआत में शक की सूई राजेश तलवार पर उसके बाद उनके मित्रों के घरेलू सहायकों पर फिर राजेश और उनकी पत्नी पर गई।
यह मामला हमेशा से ही मीडिया में छाया रहा। अगस्त 2009 में उच्चतम न्यायालय ने मीडिया पर सनसनीखेज रिपोर्टिंग पर रोक लगा दी। तलवार दम्पति ने सीबीआई पर आरोप लगाया था जांच को मोड़ने और कथित रूप से कई चीजों को लीक करके उनकी छवि को नुकसान पहंुचाया।
उत्तर प्रदेश पुलिस ने अपनी जांच इस आधार पर की थी कि हेमराज ने आरूषि की हत्या की और घटनास्थल से फरार हो गया।