एजेंसी ने एक विग्यप्ति में कहा हालिया नियम अच्छी शुरूआत है लेकिन घरेलू बैकिंग स्वरूप में बदलाव के लिए अपर्याप्त है। हालांकि, इससे भविष्य में बैंकिंग क्षेत्र में आगे सुधार का संकेत मिलता है। इन सुधारों पर फिलहाल विचार विमर्श चल रहा है। अब ये सुधार दूर नहीं लगते।
रिजर्व बैंक ने हाल ही में घरेलू विदेशी बैंकों को उनकी पूर्णस्वामित्व वाली इकाई बनाने के संबंध में विस्तृत दिशानिर्देश जारी किये हैं।
फिच ने कहा कि विदेशी बैंकों की अनुषंगियों को अपनी शाखाएं खोलने, भारतीय शेयर बाजारों में सूचीबद्ध होने और घरेलू विलय व अधिग्रहण में हिस्सा लेने के मामले में उल्लेखनीय स्वतंत्रता होगी।
सैद्धांतिक तौर पर इसके जरिये मौजूदा विदेशी बैंकों को भारत में कारोबार फैलाने के लिये प्रोत्साहित किया गया है। फिच ने कहा है कि बड़े विदेशी बैंकों को इसका फायदा होगा और उनकी देश में उपस्थिति मजबूत होगी।
भाषा