आर्थिक मामलों के विभाग के सचिव अरविंद मायाराम ने यहां संवाददाताओं को बताया कि चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही के दौरान दिनांकित प्रतिभूतियों के जरिए बाजार से 3.44 लाख करोड़ रपये की उधारी जुटाने का काम पूरा हो जाएगा।
भारत सरकार की दिनांकित प्रतिभूतियों के जरिए बाजार से 2.35 लाख करोड़ रपये :वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में: जुटाने की योजना है।
आम बजट 2013..14 में सकल और शुद्ध बाजार उधारी क्रमश 5.79 लाख करोड़ रपये और 4.84 लाख करोड़ रपये रहने का अनुमान लगाया गया है।
सरकार राजकोषीय घाटे को पूरा करने के लिये बाजार से उधार लेती है। चालू वित्त वर्ष के दौरान राजकोषीय घाटे को जीडीपी का 4.8 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है।
भाषा
नननन