तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल विधान सभा चुनाव के लिए शुक्रवार को अपना घोषणापत्र जारी किया जिसमें मौजूदा कल्याणकारी योजनाओं के दायरे को व्यापक बनाने, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को मजबूत करने और बुनियादी ढांचे के विकास से संबंधित 10 वादे किए गए हैं। पार्टी ने इस घोषणापत्र के माध्यम से अपने मजबूत महिला समर्थक आधार को अपने पाले में बनाये रखने का प्रयास भी किया है।
पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने चुनावी घोषणापत्र जारी करते हुए जिन 10 ‘प्रतिज्ञाओं’ की घोषणा की उनमें महिलाओं के लिए लक्ष्मीर भंडार योजना में 500 रुपये की वृद्धि और राज्य के हर प्रखंड में स्वास्थ्य शिविरों का आरंभ शामिल है। राज्य के मतदाताओं में लगभग आधी महिलाएं हैं और पिछले एक दशक से उन्हें तृणमूल कांग्रेस की चुनावी सफलता की रीढ़ माना जाता है। इस घोषणापत्र में सामाजिक कल्याण, स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता, युवाओं को सहयोग और कृषि पर भी विशेष जोर दिया गया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनने के लिए प्रयासरत हैं।
बनर्जी ने कहा कि राज्य में तृणमूल कांग्रेस की सत्ता बरकरार रहने पर ये प्रतिबद्धताएं अगले पांच वर्षों के लिए शासन के खाका के रूप में काम करेंगी। उन्होंने कहा, ‘घोषणापत्र में किए गए वादों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विकास का पहिया बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ता रहे और खुशियों की रोशनी मेरे प्यारे बंगाल के हर घर तक पहुंचे।’
घोषणापत्र के केंद्र में लक्ष्मीर भंडार योजना का विस्तार है जो तृणमूल कांग्रेस सरकार की महिलाओं के लिए प्रमुख कल्याणकारी पहलों में से एक है और पार्टी के महिला समर्थन आधार को मजबूत करने का श्रेय इसे ही जाता है। पार्टी द्वारा किए गए संशोधित लाभ के वादे के तहत मासिक वित्तीय सहायता में 500 रुपये की वृद्धि की जाएगी। सामान्य वर्ग की महिलाओं को प्रति माह 1,500 रुपये मिलेंगे, जबकि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति से संबंधित महिलाओं को प्रति माह 1,700 रुपये प्राप्त होंगे। ममता ने इस बात पर जोर दिया कि महिलाओं को सशक्त बनाना उनकी सरकार के राजनीतिक और सामाजिक एजेंडे का केंद्र बिंदु है। उन्होंने कहा, ‘मैं बंगाल की माताओं और बहनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए दृढ़ संकल्पित हूं।’
राजनीतिक पर्यवेक्षकों ने महिला मतदाताओं के बीच तृणमूल कांग्रेस के समर्थन आधार को मजबूत बनाने का श्रेय अक्सर लक्ष्मीर भंडार जैसी कल्याणकारी योजनाओं को दिया है जिन्होंने 2021 के विधान सभा चुनाव और उसके बाद के स्थानीय निकाय चुनाव में पार्टी की जीत में निर्णायक भूमिका निभाई है।
घोषणापत्र में ‘दुआरे चिकित्सा’ के तहत हर घर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की शुरुआत का भी वादा किया गया है जिसके तहत राज्य सरकार हर साल प्रत्येक प्रखंड और कस्बे में स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन करेगी। बनर्जी ने कहा, ‘स्वास्थ्य सेवाएं हर घर के आंगन तक पहुंचेंगी। हर प्रखंड और कस्बे में दुआरे चिकित्सा शिविरों के माध्यम से लोगों को उनके घर पर ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी।’
युवा बेरोजगारी की गंभीर समस्या के समाधान के उद्देश्य से तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि सरकार ‘बंगालार युवा-साथी’ योजना के तहत बेरोजगार युवाओं को वित्तीय सहायता देना जारी रखेगी जिसके तहत पात्र लाभार्थियों को प्रति माह 1,500 रुपये मिलेंगे।
घोषणापत्र में किसानों के कल्याण को भी प्रमुखता दी गई है। बनर्जी ने राज्य के कृषि तंत्र को मजबूत करने और किसानों एवं भूमिहीन खेतिहरों की मदद के लिए 30,000 करोड़ रुपये के विशेष कृषि बजट का वादा किया है। शिक्षा क्षेत्र में बनर्जी ने ‘बंगला शिक्षायातन’ पहल के तहत सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे में बड़े पैमाने पर सुधार करने का वादा किया ताकि विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं और वैश्विक स्तर की शिक्षा सुनिश्चित की जा सके। आर्थिक मोर्चे पर घोषणापत्र में विश्व स्तरीय सुविधाएं, बंदरगाहों और वाणिज्यिक बुनियादी ढांचे के विकास के माध्यम से पश्चिम बंगाल को पूर्वी भारत का वाणिज्यिक केंद्र बनाने की योजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत की गई है।
ममता ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस सरकार राज्य में वैश्विक व्यापार केंद्र स्थापित करने की दिशा में भी काम करेगी ताकि निवेश आकर्षित किया जा सके और व्यापार एवं उद्योग के लिए पसंदीदा गंतव्य के रूप में बंगाल की स्थिति को मजबूत किया जा सके। पार्टी की कल्याणकारी योजनाओं में वरिष्ठ नागरिकों को भी शामिल किया गया है।