एयर इंडिया की वैंकूवर को जा रही एक उड़ान को गुरुवार को हवा में ही यू टर्न लेकर लेकर वापस दिल्ली आना पड़ा। विमानन उद्योग के सूत्रों के अनुसार ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि विमानन कंपनी ने एक ऐसे बोइंग 777 विमान को उड़ान पर भेज दिया था जिसे उस मार्ग पर उड़ान भरने की नियामकीय मंजूरी नहीं थी।
यह पहला मौका नहीं है जब एयर इंडिया ने बिना समुचित दस्तावेजों और मंजूरियों के विमान उड़ाया है। नवंबर 2025 में विमानन कंपनी ने एयरबस ए320 नियो विमानों का इस्तेमाल करते हुए 8 वाणिज्यिक उड़ानें संचालित की थी जबकि उनके पास वैध एयरवर्दीनेस रिव्यू सर्टिफिकेट यानी एआरसी नहीं था। इस कमी के लिए डीजीसीए ने गत माह कंपनी पर एक करोड़ का जुर्माना लगाया था।
सूत्रों ने कहा कि गुरुवार को उड़ानसंख्या एआई185 ने दिल्ली से दिन में 12.18 बजे वैंकूवर के लिए उड़ान भरी। यह उड़ान बोइंग 777-200 एलआर विमान से भरी गई। जबकि एयर इंडिया को इस मार्ग के लिए कनाडा से केवल बोइंग 777-300ईआर विमानों की उड़ान मंजूरी हासिल थी।
बोइंग 777-300ईआरऔर बोइंग 777-200एलआर, बोइंग 777 श्रेणी के दो लंबी दूरी वाले संस्करण हैं जिनकी क्षमता और रेंज अलग-अलग है। एयर इंडिया का 777-200 एलआर संस्करण हिमालय और हिंदुकुश पहाडि़यों के ऊपर के ऊंचे मार्गों पर उड़ान नहीं भरता क्योंकि इसमें पर्याप्त ऑक्सीजन प्रणाली नहीं होती। दिल्ली-वैंकूवर ऐसा ही एक ऊंचाई वाला मार्ग है। 777-300ईआर की सामान्य रेंज लगभग 13,650 किलोमीटर होती है और यह लगभग 350-396 यात्रियों को बैठा सकता है। दूसरी ओर, 777-200एलआर को अधिक रेंज (लगभग 15,840 किलोमीटर) के लिए डिजाइन किया गया है, लेकिन इसमें केवल 301 से 317 यात्री ही बैठ सकते हैं।
यह विमान गुरुवार को करीब चार घंटे की उड़ान के बाद चीन के हवाई क्षेत्र में था जब इस गलती का पता चला। विमान चालकों को तुरंत इसे वापस लाने को कहा गया और करीब 9 घंटे हवा में रहने के बाद यह विमान दिल्ली लौट आया। विमान यात्रियों से भरा हुआ था।
अलग-अलग देशों के उड़ान संबंधी प्रोटोकॉल अलग-अलग होते हैं। कुछ नियामक एयरलाइन-स्तर पर अनुमोदन देते हैं, जबकि अन्य बेड़े-स्तर पर या किसी विशेष विमान संस्करण के लिए। इस मामले में, कनाडा की एयर इंडिया संचालन के लिए मंज़ूरी केवल 777-300ईआर संस्करण तक सीमित है और 777-200एलआर पर लागू नहीं होती। घटना के बारे में पूछे जाने पर एयर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा, ‘एयर इंडिया की उड़ान एआई185, जो 19 मार्च को दिल्ली से वैंकूवर जा रही थी, परिचालन संबंधी समस्या के कारण दिल्ली लौट आई और यह स्थापित मानक संचालन प्रक्रियाओं के अनुरूप था। विमान सुरक्षित रूप से उतरा और सभी यात्री एवं चालक दल उतर गए।‘