Anthropic के नए टूल से टेक कंपनियों में मची खलबली, औंधे मुंह गिरे आईटी शेयरअगले 20-25 वर्षों में भारत बनेगा दुनिया की सबसे प्रभावशाली आर्थिक ताकत: ब्लैकरॉक प्रमुख लैरी फिंकCCI ने दिए इंडिगो के ​खिलाफ जांच के आदेश, उड़ानें रद्द कर बाजार में प्रभुत्व का संभावित दुरुपयोगचुनौतियां अब बन रहीं अवसर, भारत-अमेरिका ट्रेड डील से विदेशी निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीदEditorial: ऑपरेशन सिंदूर का असर, रक्षा बजट में बढ़ोतरीजब व्यावसायिक हितों से टकराती है प्रवर्तन शक्ति, बाजार का भरोसा कमजोर होता हैसहनशीलता ने दिया फल: ट्रंप के साथ भारत की लंबी रणनीति रंग लाईBajaj Finance Q3FY26 Results: मुनाफा घटा, ब्रोकरेज की राय बंटी, शेयर के लिए टारगेट प्राइस में बदलावNMDC Q3FY26 Results: रेवेन्यू 16% बढ़कर ₹7,610 करोड़; उत्पादन और बिक्री में बढ़ोतरी जारीभारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद रुपया कमजोर, डॉलर के मुकाबले 11 पैसे गिरकर 90.43 पर बंद
अन्य समाचार मुखर्जी के बाद कौन है सरकार में नंबर दो ?
'

मुखर्जी के बाद कौन है सरकार में नंबर दो ?

PTI

- July,16 2012 5:53 AM IST

केंद्रीय मंत्रिपरिषद से प्रणव मुखर्जी के इस्तीफे के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय की आधिकारिक वेबसाइट में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बाद दूसरे स्थान पर शरद पवार का नाम होने से आज इस तरह की अटकलें शुरू हो गयीं कि क्या पवार सरकार में दूसरे नंबर पर हैं।

सूची में राकांपा नेता तथा कृषि मंत्री पवार का नाम कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ए के एंटनी, पी चिदंबरम और एस एम कृष्णा से भी उपर देखा गया। उक्त सभी कांग्रेसी नेता सुरक्षा पर कैबिनेट समिति के सदस्य हैं।

अटकलें हैं कि क्या पवार सरकार में दूसरे नंबर पर हैं जिनका नाम अब तक संप्रग सरकार के दूसरे नंबर के नेता माने जाने वाले प्रणव मुखर्जी की जगह आया है।

मुखर्जी हमेशा सरकार में नंबर दो माने गये और प्रधानमंत्री के आधिकारिक विदेश दौरों के समय वह दिल्ली में ही रहते थे।

इस बारे में जब प्रधानमंत्री कार्यालय के सूत्रों से बात की गयी तो उन्होंने इस धारणा को ज्यादा तवज्जो नहीं देते हुए कहा कि यह महज वेबसाइट संभालने वाले लोगों की ओर से सामान्य तौर पर किया गया है। इसमें किसी तरह का राजनीतिक दृष्टिकोण नहीं है।

हालांकि शाम तक वेबसाइट से कैबिनेट मंत्रियों की पूरी सूची नदारद दिखी और केवल राज्य मंत्रियों :स्वतंत्र प्रभार: तथा राज्य मंत्रियों की सूची वहां देखने को मिली।

कांग्रेस ने इस बारे में कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

गौरतलब है कि मुखर्जी के सरकार से हटने के बाद कांग्रेस को लोकसभा में सदन के नेता का नाम भी तय करना है, जिस पर पहले खुद पूर्व वित्त मंत्री मुखर्जी काबिज थे।

संबंधित पोस्ट