Business Standard
Advertisement
पहली बार लोन लेने से पहले जरूर जान लें ये बातें, एक गलती पड़ सकती है भारीकमजोर रिटर्न से AMC कंपनियों की बढ़ी मुश्किल, ब्रोकरेज ने बताए अपने टॉप पिकन्यू टैक्स रिजीम के हिसाब से दिया टैक्स, पर ओल्ड रिजीम से भरा ITR तो क्या होगा? दिल्ली ITAT ने किया साफचीनी मिलों पर सरकार सख्त, पेराई सीजन शुरू होने से पहले करना होगा किसानों का बकाया भुगतानNPS वात्सल्य से जुड़े 4.9 लाख बच्चे! कैसे इस स्कीम से जुड़कर आप अपने संतान का भविष्य सुरक्षित कर सकते हैं?नेस्ले पर FSSAI का शिकंजा! NAN और Lactogen के दावों पर उठे सवाल, बायोटिन टेस्ट में भी मिली गड़बड़ीNSE IPO दूसरे दिन दोगुना भरा, QIB और NII से भारी डिमांड, लेकिन ग्रे मार्केट से सुस्त संकेतअदाणी ग्रुप के शेयरों में 15% तक उछाल, जेफरीज ने इन 4 शेयरों पर दी BUY रेटिंग, 43% तक अपसाइड के टारगेटभारत में iPhone 18 का क्रेज: Apple स्टोर्स पर खरीदारों की लगीं लाइनेंDefence PSU: दुगराजपट्टनम में नया शिपयार्ड बनाएगी मझगांव डॉक, ₹15,000 करोड़ का करेगी निवेश, शेयर उछला
अन्य समाचार दूरसंचार विभाग कॉल निगरानी नियमों को अगस्त तक अंतिम रूप दे सकता है
'

दूरसंचार विभाग कॉल निगरानी नियमों को अगस्त तक अंतिम रूप दे सकता है

PTI

- July,09 2013 10:43 AM IST

एक आधिकारिक सूत्र ने बताया, दूरसंचार विभाग भारतीय टेलीग्राफ कानून में दो संशोधन पर काम कर रहा है। इसमें से एक सीएमएस परियोजना के जरिये फोन काल पर नजर रखने तथा दूसरा संदेश को प्राप्त करना, उसके संग्रह तथा विश्लेषण से जुड़ा है....।

सरकार केंद्रीकृत निगरानी प्रणाली :सीएमएस: स्थापित करने की प्रक्रिया में है। इसका मकसद सुरक्षा एजेंसियों को बिना सेवा प्रदाताओं की मदद लिये फोन काल पर नजर रखने में सक्षम बनाना है। यह प्रणाली इस साल अंत तक चालू हो जाने की उम्मीद है।

सूत्रों ने कहा कि प्रणाली देश में 22 सेवा क्षेत्रों में से 10 में दिसंबर अंत तक चालू हो जाने की उम्मीद है।

सूत्र के अनुसार कानूनी रूप से सीएमएस के जरिये फोन कॉल पर नजर रखने के लिये दूरसंचार विभाग ने कानून मंत्रालय को उसकी मंजूरी के लिये मसौदा नियम भेजा है।

एक सूत्र ने कहा कि संदेश को प्राप्त करने तथा उसके विश्लेषण के संदर्भ में कानून में संशोधन के लिये दूरसंचार विभाग का सुरक्षा प्रकोष्ठ 31 जुलाई तक गृह मंत्रालय के साथ विचार विमर्श कर नियमों का मसौदा पेश करेगा। इसे संबद्ध प्राधिकरण 31 अगस्त तक मंजूरी प्रदान करेगा।

भाषा

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement