वोडाफोन आइडिया के मुख्य कार्याधिकारी अभिजित किशोर ने कहा कि कंपनी अगले तीन वर्षों में 45,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। कंपनी ने अपनी वीआई 2.0 रणनीति के तहत नए सिरे से शुरुआत करने की घोषणा की है। इसमें नेटवर्क विस्तार, लाभप्रदता और ग्राहक जोड़े रखने पर ध्यान दिया जाएगा, क्योंकि समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) का ‘सबसे बड़ा बोझ’ अब लगभग पीछे छूट गया है।
रणनीतिक नई शुरुआत के तहत आदित्य बिड़ला समूह समर्थित दूरसंचार सेवा प्रदाता का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में दो अंक की राजस्व वृद्धि, नकद एबिटा में तीन गुना वृद्धि और लगातार ग्राहक जोड़ना है। अब कंपनी उस ‘दुष्चक्र’ से बाहर आ गई है, जिसमें एजीआर की चुनौती ने लंबे समय से उसे फंडिंग पाने और बदले में व्यवसाय में निवेश करने से रोक रखा था।
किशोर ने बुधवार को मुंबई में एक निवेशक सम्मेलन में कहा, ‘वास्तव में, यह वोडाफोन आइडिया के लिए नए युग की शुरुआत का प्रतीक है। एकमात्र और सबसे बड़ी बाधा एजीआर को लेकर थी, जो अब पीछे छूट चुकी है। अब खेल अस्तित्व और संदेह से शक्ति की ओर बढ़ने का है। इसलिए, व्यावहारिक रूप से कंपनी के लिए यह बदलाव वीआई 2.0 है।’
दूरसंचार कंपनी अप्रैल 2024 में आए एफपीओ के साढ़े चार वर्ष बाद 60,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करेगी, जो 2024 में घोषित उसकी पिछली 50,000-55,000 करोड़ रुपये की पूंजीगत व्यय योजना से अधिक है। एफपीओ के बाद से, कंपनी ने पिछली सात तिमाहियों में 16,000 करोड़ रुपये का निवेश किया है।