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भारत की वेंचर कैपिटल फंडिंग 50 प्रतिशत बढ़ी

बड़े आकार के सौदों की संख्या साल 2023 की पहली तिमाही से तीसरी तिमाही तक 10 थी जो साल 2024 की इसी अवधि में बढ़कर 15 हो गई।

Last Updated- October 25, 2024 | 9:56 PM IST
Venture capitalists have waned for deals: KPMG

भारत की वेंचर कैपिटल (VC) फंडिंग में साल 2024 की पहली तीन तिमाहियों के दौरान सालाना आधार पर 50.4 प्रतिशत की उछाल देखी गई और यह बढ़कर 8.3 अरब डॉलर हो गई। ग्लोबलडेटा के आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। इस उछाल का श्रेय 10 करोड़ डॉलर से अधिक मूल्य वाले बड़े स्तर के सौदों में बढ़ोतरी को दिया जाता है।

जनवरी और सितंबर 2024 के बीच कुल 883 सौदों का ऐलान किया गया जो साल 2023 की इसी अवधि की तुलना में सौदों की मात्रा में 7.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। इन सौदों का घोषित फंडिंग मूल्य साल 2023 के 5.5 अरब डॉलर से बढ़कर साल 2024 में 8.3 अरब डॉलर हो गया।

ग्लोबलडेटा के अनुसार अधिक मूल्य वाले इन सौदों में जेप्टो को फंडिंग के दो अलग-अलग दौर में मिले 66.5 करोड़ डॉलर और 34 करोड़ डॉलर, मीशो को हासिल 30 करोड़ डॉलर, फार्मईजी को 21.6 करोड़ डॉलर और फिजिक्सवाला को मिले 21 करोड़ डॉलर शामिल हैं जिससे इस उछाल की तेजी में मदद मिली।

बड़े आकार के सौदों की संख्या साल 2023 की पहली तिमाही से तीसरी तिमाही तक 10 थी जो साल 2024 की इसी अवधि में बढ़कर 15 हो गई। ग्लोबलडेटा के प्रमुख विश्लेषक, ओरोज्योति बोस ने कहा, ‘साल 2023 में पैसा जुटाने में भारतीय स्टार्टअप के पारिस्थितिकी तंत्र के सामने जो चुनौती थी, वह खत्म होती दिख रही है क्योंकि इस साल वीसी फंडिंग गतिविधियों में लगातार सुधार हुआ है।’ उन्होंने कहा कि ‘इस रुझान को देखते हुए स्पष्ट है कि भारत वीसी कंपनियों के लिए आकर्षक बाजार बना हुआ है और ऐसा लगता है कि अब निवेशकों का दृष्टिकोण सतर्कता से सतर्क आशावाद में तब्दील हो रहा है।

वैश्विक स्तर पर वीसी सौदों की संख्या में भारत की हिस्सेदारी साल 2024 की पहली तिमाही से तीसरी तिमाही के दौरान 7.2 प्रतिशत रही जबकि कुल घोषित मूल्य में इसकी हिस्सेदारी 4.5 प्रतिशत थी।

 

First Published - October 25, 2024 | 9:53 PM IST

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