facebookmetapixel
Advertisement
Devendra Fadnavis का बड़ा दांव! महाराष्ट्र में आएगा अमेरिका का न्यूक्लियर निवेश, SMR टेक पर फोकसMP: सिंहस्थ 2028 में गूगल की एंट्री! AI से होगा कुंभ का हाई-टेक मैनेजमेंट, भीड़ से लेकर सुरक्षा तक सब होगा स्मार्टअगले पांच साल जारी रहेगी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, 11,608 करोड़ रुपये की राशि मंजूरमप्र में गेहूं की सरकारी खरीद अब 28 मई तकPF क्लेम के लंबे इंतजार से छुटकारा! UPI PIN डालते ही खाते में आएगा पैसा, EPFO की नई सुविधा जल्ददोपहिया बाजार में बड़ा उछाल या धीमी रफ्तार? ICRA ने FY27 को लेकर किया चौंकाने वाला अनुमानPM Modi-Meloni ‘Melody’ ट्रेंड का असर, Parle Industries 5% उछला लेकिन सच्चाई कुछ और!Q4 Results: बीएलएस इंटरनेशनल का मुनाफा 28.7% उछला, शेयर में 2.5% से ज्यादा की तेजीRupee Fall: रुपये पर बढ़ा दबाव, 100 प्रति डॉलर पहुंचने की चर्चा तेजभारत में ग्रीन एनर्जी का बूम, 500 GW लक्ष्य से बदलेगा रियल एस्टेट का पूरा नक्शा

अगली सुनवाई में Spicejet के चेयरमैन अजय सिंह को मौजूद रहने का आदेश

Advertisement

स्पाइसजेट के वकील संदीप सेठी ने कहा, इस चरण में जल्द सुनवाई की इजाजत देने की कोई वजह नजर नहीं आती और मामले पर 5 सितंबर को सुनवाई की जा सकती है।

Last Updated- July 24, 2023 | 10:17 PM IST
SpiceJet chief Ajay Singh takes over as president of ASSOCHAM

दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को किफायती विमानन सेवा कंपनी स्पाइसजेट के चेयरमैन (Spicejet Chairman) और प्रबंध निदेशक को 5 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई में उपस्थित रहने का आदेश दिया है।

अदालत ने स्पाइसजेट और अजय सिंह को अगली सुनवाई से पहले अपनी परिसंपत्तियों का खुलासा करने वाला शपथपत्र भी जमा कराने के लिए नोटिस भी जारी किया है।

काल एयरवेज (Kal Airways) और मारन के वकील मनिंदर सिंह ने 13 फरवरी के सर्वोच्च न्यायालय के आदेश को देखते हुए अपनी दलील शुरू की। इस आदेश में स्पाइसजेट से कहा गया है कि वह काल एयरवेज व कलानिधि मारन को 3 महीने के भीतर 75 करोड़ रुपये का भुगतान करे, जो आर्बिट्रेशन के फैसले के तहत ब्याज की देनदारी है।

सर्वोच्च न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया था कि अगर स्पाइसजेट रकम चुकाने में नाकाम रहती है तो आर्बिट्रेशन के फैसले वाली पूरी 380 करोड़ रुपये की पूरी रकम काल एयरवेज व कलानिधि मारन के हक में पूरी तरह क्रियान्वितहो जाएगी। सिंह ने आज उच्च न्यायालय से कहा कि स्पाइसजेट किसी भी अदालत के आदेश का पालन नहीं कर रही है।

स्पाइसजेट के वकील संदीप सेठी ने कहा, इस चरण में जल्द सुनवाई की इजाजत देने की कोई वजह नजर नहीं आती और मामले पर 5 सितंबर को सुनवाई की जा सकती है।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने 29 मई को आदेश दिया था कि स्पाइसजेट अपने पूर्व प्रवर्तक सन ग्रुप के कलानिधि मारन को 380 करोड़ रुपये चुकाए और विमानन कंपनी को चार हफ्ते के भीतर अपनी परिसंपत्तियों के संबंध में शपथपत्र जमा कराए।

Advertisement
First Published - July 24, 2023 | 10:17 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement