facebookmetapixel
Advertisement
एयर इंडिया में उथल-पुथल, CEO Campbell Wilson का इस्तीफा, लगातार घाटे से मचा हड़कंपयुद्ध खत्म करने के लिए ईरान ने पेश किया 10 सूत्री प्लानजंग के माहौल में defence stocks बन सकते हैं सुपरहिट, 7 शेयरों पर BUY रेटिंग ने बढ़ाई उम्मीदStock Market Update: बाजार में भूचाल! सेंसेक्स 680 अंक लुढ़का, निफ्टी 22,800 के नीचे; बैंक और रियल्टी शेयरों ने बढ़ाई टेंशनBUY रेटिंग अलर्ट: HDFC से लेकर Bandhan तक, इन 9 Bank Stocks में कौन देगा सबसे ज्यादा रिटर्न?US-Iran War: Trump की ईरान को आखिरी चेतावनी, 4 घंटे में तबाही की धमकी; होर्मुज खुला नहीं तो बड़े हमले का संकेतStocks To Watch Today: Wipro से लेकर IRFC तक, इन कंपनियों से आई बड़ी अपडेट्स; आज शेयरों में दिखेगा असरपश्चिम एशिया संकट के बीच डीजल-पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी घटी, पर खजाने को ₹5,500 करोड़ की चपतईरान ने ठुकराया संघर्ष विराम का प्रस्ताव, कहा: सिर्फ युद्ध विराम नहीं, चाहिए हमलों के खात्मे की गारंटीहोर्मुज संकट के बीच राहत: भारत के दो LPG टैंकर सुरक्षित निकले, फारस की खाड़ी में अब सिर्फ दो बाकी

Jet airways: जेकेसी ने भुगतान के लिए अतिरिक्त समय मांगा

Advertisement

भुगतान के लिए तारीख शुरू में 31 अगस्त थी, लेकिन अब जेकेसी ने इसे आगे बढ़ाए जाने की मांग की है।

Last Updated- August 18, 2023 | 10:36 PM IST
Jet Airways Insolvency case: Jalan-Colrock gets more time to pay Rs 350 crore

दिवालिया हो चुकी जेट एयरवेज (Jet Airways) की सफल बोलीदाता जालान-कालरॉक कंसोर्टियम (जेकेसी) ने एयरलाइन के ऋणदाताओं को 350 करोड़ रुपये चुकाने के लिए शुक्रवार को राष्ट्रीय कंपनी विधि अपील पंचाट (एनसीएलएटी) से अतिरिक्त समय मांगा।

भुगतान के लिए तारीख शुरू में 31 अगस्त थी, लेकिन अब जेकेसी ने इसे आगे बढ़ाए जाने की मांग की है। अपील पंचाट ने जेकेसी को भुगतान में संशोधन वाला आवेदन करने को कहा है।

जेकेसी के समक्ष पेश हुए वरिष्ठ

अधिवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कंसोर्टियम 21 अगस्त तक 100 करोड़ रुपये जमा कराएगा और अन्य 100 करोड़ रुपये सितंबर के अंत तक जमा कराए जाएंगे और 150 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी पहले ही दी जा चुकी है, जिसका इस्तेमाल ऋणदाताओं द्वारा किया जा सकेगा।

जेकेसी ने पंचाट को यह भी बताया है कि वह एयरलाइन का परिचालन बहाल किए जाने के लिए प्रतिबद्ध है। दूसरी तरफ, ऋणदाताओं (जिनमें एसबीआई भी शामिल है) की ओर से पेश हुए अतिरिक्त महाधिवक्ता एन वेंकटरामन का तर्क है कि 350 करोड़ रुपये का भुगतान बकाया अदायगी की दिशा में पहला कदम है।

उन्होंने कहा कि पहले भुगतान के बाद ऋणदाताओं को तीन अन्य भुगतान भी किए जाएंगे। आखिरी कदम इक्विटी शेयरों का स्थानांतरण है।

जेकेसी के तर्क से असहमति जताते हुए वेंकटरामन ने कहा कि 150 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी को उनके लिए 350 करोड़ रुपये के भुगतान का हिस्से नहीं बताया जा सकता, क्योंकि इसे समाधान योजना के किसी अन्य हिस्से के लिए इस्तेमाल किया गया। एनसीएलएटी ने 26 मई को जेकेसी को ऋणदाताओं का पैसा चुकाने के लिए 107 दिन का समय दिया था।

आदेश में कहा गया था, ‘एसआरए (सफल बोलीदाता यानी जेकेसी) 175 करोड़ रुपये के पहले भुगतान को तैयार और इच्छुक है और एसआरए 30 दिनों के अंदर 50 करोड़ रुपये लगाएगा।’

पंचाट ने कहा कि मौजूदा समय में (107 दिन, 30 अगस्त तक) 150 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी भारतीय स्टेट बैंक द्वारा जब्त नहीं की जानी चाहिए।

Advertisement
First Published - August 18, 2023 | 10:36 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement