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खरीदारों को बहकाने वाले डार्क पैटर्न का कैसे कुचला जाए फन!

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डार्क पैटर्न के बारे में सरकार के नियम ग्राहकों को ऑनलाइन ठगने वाली हरकतों पर रोक लगाने के लिए कितने कारगर हो सकते हैं…

Last Updated- December 25, 2023 | 10:21 PM IST
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कई उपभोक्ता कहते हैं कि सैर-सपाटे और यात्रा तथा ठहरने के लिए ऑनलाइन बुकिंग करते समय कभी-कभी ऐसा लगता है कि दूसरी ओर कोई जीता-जागता शख्स बैठा है, जो बुकिंग करने वाले की जल्दबाजी या बेबसी को भांपकर काम करता है। हो सकता है कि आपको भी ऐसा ही महसूस हुआ हो।

हो सकता है कि आप अपने परिवार के साथ छुट्टियां मनाने की सोच रहे हों और जगह भी चुन ली हो। जब आप किसी ट्रैवल वेबसाइट पर टिकट बुक करने जाते हैं तो उनकी कोई खास कीमत दिख रही होती है मगर कुछ मिनट बाद ही टिकट की कीमत बहुत बढ़ जाती है। पता है, ऐसा क्यों होता है? यह ‘डार्क पैटर्न’ का नतीजा होता है। डार्क पैटर्न के जरिये लोगों को गुमराह कर ऐसा सामान या उत्पाद खरीदने पर मजबूर कर दिया जाता है, जिसे खरीदने का उनका कोई इरादा ही नहीं था या वे उसकी खरीदारी इस तरह नहीं करना चाहते थे जैसी उन्हें करनी पड़ी।

मगर अब ऐसे चलन पर लगाम कस सकती है। देश में उपभोक्ता मामलों की निगरानी करने वाले सबसे बड़े संगठन केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने डार्क पैटर्न पर रोक लगाने और उसे कायदे में बांधने के लिए दिशानिर्देश अधिसूचित कर दिए हैं। इनमें गुमराह करने वाले विज्ञापनों, व्यापार के अनुचित तरीकों और उपभोक्ता अधिकारों के उल्लंघन समेत 13 तरीके या चलन शामिल किए गए हैं।

टेकलेजिस एडवोकेट्स ऐंड सॉलीसिटर्स के मैनेजिंग पार्टनर सलमान वारिस कहते हैं, ‘दिशानिर्देश आने के बाद विमानन उद्योग और ऑनलाइन यात्रा पोर्टलों के लिए इस तरह के डार्क पैटर्न का इस्तेमाल करना मुश्किल होता जाएगा। विमानन उद्योग और ऑनलाइन यात्रा पोर्टलों में धोखे भरे या भरमाने वाले तौर-तरीके लगातार अपनाए जाने का मुद्दा लोगों की नजर में आता जा रहा है और उस पर निगरानी भी बढ़ रही है।’

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उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन के जरिये पिछले 8-9 महीनों में उपभोक्ता मंत्रालय के पास इस तरह के तौर-तरीकों के बारे में करीब 10,000 शिकायतें आ गई थीं। डार्क पैटर्न की रोकथाम और विनियमन दिशानिर्देश, 2023 पहले ही लागू हो चुके हैं। भारत में वस्तु एवं सेवाओं का कारोबार करने वाले सभी प्लेटफॉर्म, विज्ञापनदाता और विक्रेता इनके दायरे में आते हैं। इन नियमों में कहा गया है, ‘कोई व्यक्ति या कोई भी प्लेटफॉर्म डार्क पैटर्न का इस्तेमाल नहीं करेगा।

बड़ा बदलाव

कानूनी फर्म केएस लीगल ऐंड एसोसिएट्सन में मैनेजिंग पार्टनर सोनम चांदवानी कहती हैं कि ई-कॉमर्स कंपनियां जिस तरह काम करती हैं और ग्राहकों के साथ जिस तरह के तौर-तरीके अपनाती हैं, उनमें ये दिशानिर्देश आने के बाद बड़ा बदलाव तय है।

वह कहती हैं, ‘ये दिशानिर्देश सबसे पहले पारदर्शिता और नैतिक तरीके से कामकाज को बढ़ावा देंगे। इसकी वजह से प्लेटफॉर्म छिपे हुए शुल्क, जबरदस्ती जल्दबाजी का अहसास कर बहकाने या सदस्यता बंद करने की पेचीदा प्रक्रिया जैसी चालाकी भरी या गलत हरकतें छोड़ने के लिए मजबूर हो जाएंगे।’

चांदवानी कहती हैं कि इस बदलाव के कारण उपभोक्ताओं का भरोसा तो बढ़ेगा ही, मार्केटिंग की रणनीतियों में भी आमूल बदलाव जरूरी हो जाएगा। इसके बाद बहुत कम समय बचने की बात कहकर जल्दबाजी में फैसला लेने के लिए मजबूर करने या सामान खत्म होने की बात कहकर खरीदने के लिए विवश करने के तरीके बंद हो जाएंगे और सीधा रास्ता अपनाना पड़ेगा।

शुरू में इन दिशानिर्देशों का पालन करना उन प्लेटफॉर्मों के लिए वित्तीय और कामकाजी बोझ बढ़ा सकता है, जो गड़बड़ी करते रहे हैं। उन्हें वेबसाइट नए सिरे से डिजाइन करानी पड़ सकती है और यूजर इंटरफेस में भी बदलाव करने पड़ सकते हैं। चांदवानी कहती हैं कि अभी बेशक मुश्किल लगे, लेकिन आगे चलकर उन्हें इसका काफी फायदा मिलेगा।

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इनमें से कुछ फायदे हैं – ग्राहकों का भरोसे के साथ प्लेटफॉर्म के साथ बने रहना, कानूनी अनुपालन बढ़ना और ऐसे बाजार में दूसरों से आगे निकलना, जहां लोग नैतिकता भरे तौर-तरीकों को ज्यादा से ज्यादा पसंद करते जा रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि डेटा यानी निजी जानकारी की गोपनीयता के प्रति उपभोक्ता अधिक जागरूक होते जा रहे हैं, इसलिए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों को भी डेटा के मामले में ज्यादा पारदर्शिता भरे तौर-तरीके अपनाने चाहिए। उन्हें निजी जानकारी पर ज्यादा नियंत्रण की लोगों की मांग के हिसाब से खुद को ढालना होगा।

मद्रास हाईकोर्ट के वकील के नरसिंहन ने कहा, ‘ऑनलाइन बुकिंग, खासकर एयरलाइंस और होटलों में बुकिंग को सही रास्ते पर लाने का समय आ गया था। इन दिशानिर्देशों का गहरा असर होगा क्योंकि इनके जरिये नियामक गलत तरीके अपनाने वाली कंपनियों और संस्थाओं पर हाथ डाल सकेंगे।’

लोकल सर्कल्स ने एक सर्वेक्षण कराया था, जिसमें 323 जिलों के 33,000 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। सर्वेक्षण में शामिल जो लोग ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों का इस्तेमाल करते थे या कर चुके थे, वैसे हर 10 में से 7 लोगों का कहना था कि कभी न कभी उन्हें डार्क पैटर्न का सामना करना पड़ा है जैसे छिपे हुए शुल्क, कम समय बताकर जबरदस्ती जल्दबाजी का अहसास कराना और कीमतें बढ़ा-चढ़ा देना।

ऑफलाइन में भी दिक्कत

देश में कॉरपोरेट प्रशासन को बढ़ावा देने वाले थिंक टैंक एम्पॉवर इंडिया के महानिदेशक के गिरि कहते हैं कि डार्क पैटर्न पर जो दिशानिर्देश आए हैं, उनसे कई तरह के उद्योगों में हो रही गड़बड़ी पर अंकुश लगाया जा सकता है मसलन यात्रा और होटलों के लिए ऑनलाइन बुकिंग का उद्योग।

मगर उनका यह भी कहना है कि उपभोक्ताओं को इनसे बहुत फायदा शायद नहीं होगा क्योंकि ऑफलाइन यानी सामान्य बाजार में भी इस तरह के तौर-तरीके अपनाए जा रहे हैं, जिन पर ये दिशानिर्देश लागू नहीं होते हैं।

गिरि कहते हैं, ‘डार्क पैटर्न के बारे में आए दिशानिर्देशों से उपभोक्ताओं को वाकई फायदा पहुंचाना है तो इन्हें ऑफलाइन बाजार यानी सामान्य दुकानदारों पर भी लागू करना होगा और उन्हें इन कायदों के हिसाब से बदलने के लिए वक्त भी देना होगा।’ ऑनलाइन स्पेशल सेल की ही तर्ज पर कई कारोबारी या दुकानदार भी सामान या सेवा बहुत कम मात्रा में बचे होने की बात कहकर उपभोक्ताओं पर दबाव बनाते हैं।

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मिसाल के तौर पर आपको दुकानों पर सामान के बगल में ‘ऑनली वन लेफ्ट इन स्टॉक’ (केवल एक ही पीस बचा है) जैसी तख्तियां रखी दिख जाएंगी। होटलों में आपको ‘लास्ट टू रूम्स अवेलेबल ऐट दिस प्राइस’ (इतने कम किराये में बस दो ही कमरे बचे हैं) जैसे जुमले खूब सुनने और देखने को मिलेंगे।

ई-कॉमर्स और ऑनलाइन यात्रा उद्योग के कई अधिकारी अपना नाम जाहिर करने से साफ इनकार करते हैं मगर इन सरकारी दिशानिर्देशों का स्वागत करने से बिल्कुल भी नहीं चूकते। मगर उनका कहना है कि इन कायदों में कई ऐसे प्रावधान हैं, जो काफी व्यापक हैं और जिनके एक से ज्यादा मतलब निकल रहे हैं।

एक और अधिकारी का कहना है कि ई-कॉमर्स उद्योग देश के पूरे खुदरा उद्योग का महज 6 फीसदी है। ऐसे में डर इस बात का भी है कि इन निर्देशों का दुरुपयोग उन कंपनियों को परेशान करने में किया जा सकता है, जो सही और कानूनी तरीके से कारोबार कर रही हैं। यह अपने आप में डार्क पैटर्न साबित हो सकता है।

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First Published - December 25, 2023 | 10:00 PM IST

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