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Adani Group ने चुकाया 7,374 करोड़ रुपये का कर्ज

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समूह ने कहा कि वह 31 मार्च, 2023 तक सभी शेयर-समर्थित कर्ज को चुकाने की प्रवर्तकों की प्रतिबद्धता पर अडिग है।

Last Updated- March 07, 2023 | 7:52 PM IST
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विवादों में घिरे अदाणी समूह (Adani Group) ने मंगलवार को कहा कि उसने शेयरों को गिरवी रखकर लिए गए 7,374 करोड़ रुपये के कर्ज को चुका दिया है और इस तरह के अन्य ऋण का भी वह मार्च अंत तक भुगतान कर देगा।

समूह ने एक बयान में कहा कि 7,374 करोड़ रुपये के शेयर-समर्थित कर्ज को निर्धारित अवधि से पहले ही चुका दिया गया है जबकि इनकी अवधि अप्रैल, 2025 में पूरी होने वाली थी। समूह ने कहा, ‘सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों के एवज में लिए गए कर्ज को कम करने की प्रवर्तकों की प्रतिबद्धता के अनुरूप इनको तय समय से पहले चुका दिया गया है।’

समूह की प्रमुख कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज में प्रवर्तकों की 4 फीसदी हिस्सेदारी गिरवी रखी गई थी जबकि अदाणी पोर्ट्स ऐंड एसईजेड में उनकी 11.8 फीसदी हिस्सेदारी बैंकों के पास गिरवी थी। इनके अलावा अदाणी ट्रांसमिशन लिमिटेड के 3.6 करोड़ शेयर भी गिरवी रखे गए थे, जो प्रवर्तकों की 4.5 फीसदी हिस्सेदारी है।

इसी तरह अदाणी ग्रीन एनर्जी के 1.1 करोड़ शेयर यानी प्रवर्तकों की 1.2 फीसदी हिस्सेदारी भी कर्जदाताओं के पास गिरवी रखी गई थी। इन शेयरों के एवज में लिए गए कर्ज को चुकाने के बाद समूह की इन चार कंपनियों में प्रवर्तकों के शेयर उनके पास लौट आएंगे। इसके पहले अदाणी समूह ने फरवरी की शुरुआत में भी कुछ कर्ज चुकाया था।

बयान के मुताबिक, अभी तक अदाणी समूह ने 2.016 अरब डॉलर मूल्य का शेयर-समर्थित कर्ज चुका दिया है। इसके साथ ही समूह ने कहा कि वह 31 मार्च, 2023 तक सभी शेयर-समर्थित कर्ज को चुकाने की प्रवर्तकों की प्रतिबद्धता पर अडिग है।

अमेरिकी फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च की 24 जनवरी को आई एक रिपोर्ट में अदाणी समूह पर वित्तीय धोखाधड़ी और शेयरों के भाव चढ़ाने में हेराफेरी करने के आरोप लगाए गए थे। हालांकि समूह ने इन सभी आरोपों को निराधार बताते हुए नकार दिया था लेकिन उसकी कंपनियों के शेयरों के भाव लगातार गिरते चले गए। हालत यह हो गई कि रिपोर्ट आने के एक महीने के भीतर अदाणी समूह की सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 60 फीसदी से भी अधिक गिर गया। वैसे पिछले हफ्ते से इस गिरावट पर लगाम लगी है और फिर से शेयरों की कीमतों में तेजी देखी जा रही है। अदाणी समूह पर कर्ज का भारी बोझ होने से उसकी वित्तीय सेहत को लेकर कई बार सवाल उठे हैं। पिछले चार साल में समूह का सकल कर्ज दोगुना हो चुका है।

पिछले सितंबर में फिच समूह की इकाई क्रेडिटसाइट्स ने कहा था कि अदाणी समूह ने अपने विस्तार के लिए कर्ज का सहारा लिया है और अब वह हद से ज्यादा कर्ज में है। अदाणी समूह पर सकल कर्ज बढ़कर 2.21 लाख करोड़ रुपये हो चुका है। नकदी को शामिल करने के बाद समूह का शुद्ध‍ कर्ज साल 2023 में 1.89 लाख करोड़ रुपये था।

समूह को अगले साल दो अरब डॉलर के विदेशी मुद्रा बॉन्ड का भी भुगतान करना होगा।
समूह ने विभिन्न कंपनियों के माध्यम से विदेशी मुद्रा बॉन्ड के जरिये जुलाई 2015 से 2022 के बीच 10 अरब डॉलर से ज्यादा उधार लिया है। इनमें से 1.15 अरब डॉलर के बॉन्ड 2020 व 2022 में परिपक्व हुए।

 

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First Published - March 7, 2023 | 7:52 PM IST

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