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प्रीमियम हैचबैक में Tata Motors की नजर 25% हिस्सेदारी पर, पेश की नई Altroz

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गुरुवार को टाटा मोटर्स ने 6.89 लाख रुपये (दिल्ली में एक्स शोरूम कीमत) से शुरू होने वाली अल्ट्रोज का अपग्रेडेड वर्जन पेश किया है।

Last Updated- May 22, 2025 | 11:49 PM IST
Tata Altroz

टाटा मोटर्स अब दूसरी पीढ़ी की अल्ट्रोज पर दांव लगा रही है। इसके जरिये वह वित्त वर्ष 2026 में प्रीमियम हैचबैक श्रेणी में अपनी बाजार हिस्सेदारी दोगुनी यानी 25 फीसदी करना चाह रही है। प्रीमियम हैचबैक श्रेणी में हर महीने 25 से 30 हजार गाड़ियों की बिक्री होती है और यात्री वाहनों की बिक्री में इसकी करीब 6 से 7 फीसदी हिस्सेदारी रहती है। मारुति सुजूकी की बलेनो का इस श्रेणी में दबदबा है। साल 2020 में पेश की गई अल्ट्रोज का इस श्रेणी में अधिकतम हिस्सेदारी करीब 27 फीसदी रही है और पिछले पांच वर्षों में इसमें कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिला। कंपनी ने साल 2023 में एक साल में करीब 70 हजार गाड़ियों की बिक्री की थी।

गुरुवार को टाटा मोटर्स ने 6.89 लाख रुपये (दिल्ली में एक्स शोरूम कीमत) से शुरू होने वाली अल्ट्रोज का अपग्रेडेड वर्जन पेश किया है। इसकी अधिकतम कीमत 11.29 लाख रुपये (दिल्ली में एक्स शोरूम कीमत) है। बीते वित्त वर्ष 2025 में टाटा मोटर्स के यात्री वाहनों की कुल बिक्री में हैचबैक की करीब 18.86 फीसदी हिस्सेदारी रही और कंपनी की पूरी हैचबैक श्रेणी में कुल 10.2 फीसदी बाजार हिस्सेदारी रही। इसके अलावा कंपनी की प्रीमियम हैचबैग श्रेणी में 11.5 फीसदी हिस्सेदारी थी।

टाटा पैसेंजर्स इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के मुख्य वाणिज्यिक अधिकारी विवेक श्रीवत्स ने बिज़नेस स्टैंडर्ड से कहा कि उनके पोर्टफोलियो में किसी भी मॉडल को लेकर उनकी दिली तमन्ना उस खास श्रेणी के शीर्ष 2 से 3 मॉडलों में से एक बनने की होती है। उन्होंने कहा, ‘आमतौर पर एक सफल वाहन वह होता है जुसका संबंधित श्रेणी में 25 से 30 फीसदी हिस्सा हो। अल्ट्रोज ने पेश होने के बाद ही 25 से 30 फीसदी हिस्सेदारी हासिल कर ली थी।’ उन्होंने कहा कि पिछले साल हमने देखा है कि इसके पुराना होने से बिक्री प्रभावित हुई है।

श्रीवत्स ने कहा, ‘नई अल्ट्रोज प्रीमियम इंटीरियर और एक्सटीरियर स्टाइलिंग, तकनीक और सुरक्षा संवर्द्धन के साथ गाड़ी को बड़े पैमाने पर बेहतर बनाती है। नई अल्ट्रोज का लाभ उठाते हुए हमारा लक्ष्य इस श्रेणी में शीर्ष 2 से 3 में शामिल होना और अपनी उचित हिस्सेदारी हासिल करना है। फिलहाल, इस श्रेणी में 4 कंपनियों की हर महीने 25 से 30 हजार गाड़ियां बिकती है। इस हिसाब से हम प्रति माह 6,000 से 7,000 गाड़ियों की बिक्री की उम्मीद कर रहे हैं।’

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First Published - May 22, 2025 | 11:05 PM IST

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