facebookmetapixel
Advertisement
जुलाई में UPI ने बनाया नया रिकॉर्ड, 23.66 बिलियन ट्रांजैक्शन के साथ डिजिटल पेमेंट ने भरी ऐतिहासिक उड़ानजुलाई में GST कलेक्शन में जोरदार उछाल, आयात-घरेलू मांग के दम पर ₹2.11 लाख करोड़ के पार पहुंचा आंकड़ाDividend Stocks: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! अगले हफ्ते 98 कंपनियां बांटेगी डिविडेंड, ₹270 तक पाने का मौकाRBI की स्वैप स्कीम से बैंकों ने जुटाए 41 अरब डॉलर के विदेशी फंड, 2 महीने में टूटा 2013 का रिकॉर्ड1991 के सुधारों ने बदली ऑटो सेक्टर की तस्वीर: कैसे मुट्ठी भर कंपनियों से दुनिया का बड़ा हब बना भारत‘यूरिया के दाम स्थिर, DAP पर नजर जरूरी’, FAI अध्यक्ष एस. शंकरसुब्रमण्यन ने बताया फर्टिलाइजर सेक्टर का हालटाटा स्टील का दावा: दूसरी तिमाही में और सुधरेगा प्रदर्शन, एमडी टी. वी. नरेंद्रन ने बताया पूरा प्लान‘भटके हुए बच्चे हैं, सजा नहीं सुधार चाहिए’, जंतर-मंतर पर अभद्र टिप्पणी करने वालों को PM मोदी ने किया माफकमर्शियल LPG सिलेंडर ₹200 से ज्यादा सस्ता, दिल्ली-कोलकाता में घटे दाम; होटल-रेस्तरां को बड़ी राहतब्लूमबर्ग ग्लोबल एग्रीगेट इंडेक्स में भारत के सरकारी बॉन्ड की एंट्री फिर टली, निवेशकों की बढ़ी चिंता

अगस्त में यात्री वाहन उत्पादन 4% घटा, थोक बिक्री में 9% की गिरावट; पर दोपहिया और तिपहिया चमके

Advertisement

अगस्त में यात्री वाहन उत्पादन और थोक बिक्री जीएसटी 2.0 के असर से घटी, जबकि दोपहिया और तिपहिया वाहनों की बिक्री में मजबूत वृद्धि दर्ज

Last Updated- September 15, 2025 | 10:21 PM IST
Cars (Auto Sector)
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

देश में यात्री वाहन उत्पादन अगस्त में 4.1 प्रतिशत तक घट गया। इसकी वजह मूल उपकरण विनिर्माताओं (ओईएम) की ओर से डीलरों को भेजी जानी वाली खेप में करीब 9 प्रतिशत तक की गिरावट आना है। अगस्त के मध्य में जीएसटी 2.0 की घोषणा के बाद मांग में भारी गिरावट की वजह से ओईएम ने डीलरों को भेजी जाने वाली अपनी खेपों में बदलाव किया था।

चूंकि उपभोक्ताओं ने कीमतों में कटौती की उम्मीद में खरीदारी का फैसला रोक दिया था। इसलिए कई डीलरों के यहां यात्री वाहनों की खुदरा बिक्री प्रभावित हुई। इससे अगस्त के अंत तक बिना बिके वाहनों का स्टॉक इतना हो गया कि उससे 60 दिन की मांग पूरी की जा सके। कुल मिलाकर बिना बिके वाहनों का स्टॉक लगभग 6,00,000 हो गया। इस तरह ओईएम ने डीलरों को भेजी अपनी खेपों में कमी की। मारुति सुजूकी इंडिया जैसी प्रमुख कंपनियों ने खेपों में 8 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की। महिंद्रा ऐंड महिंद्रा (एमऐंडएम) की खेपों में 9 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई जबकि ह्युंडै मोटर इंडिया की खेपों में करीब 10 प्रतिशत तक की कमी रही।

सायम के महानिदेशक राजेश मेनन ने कहा कि अगस्त में यात्री वाहनों की बिक्री में पिछले साल अगस्त की तुलना में 8.8 प्रतिशत तक की गिरावट आई और यह घटकर 3,22,000 रह गई। इसका मुख्य कारण यात्री वाहन विनिर्माताओं द्वारा खेपों में बदलाव करना था।

जहां समूचे यात्री वाहन उत्पादन में 4 प्रतिशत तक की गिरावट आई, वहीं यात्री कार श्रेणी में 7.9 प्रतिशत (1,25,000 वाहन) की गिरावट देखी गई। इसके विपरीत यूटिलिटी वाहनों की बिक्री में 1.8 प्रतिशत तक की कमी आई। अलबत्ता उत्पादन में कटौती के बावजूद यात्री वाहन श्रेणी के निर्यात में 24.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस वजह से ह्युंडै जैसी ओईएम का मानना है कि जीएसटी कटौती का सबसे बड़ा लाभ छोटे स्पोर्ट्स यूटिलिटी वाहन (एसयूवी) वाली श्रेणी को होगा। इसमें 4 मीटर से कम लंबाई वाले मॉडल शामिल होते हैं।

ह्युंडै मोटर इंडिया के मुख्य परिचालन अधिकारी तरुण गर्ग ने पिछले सप्ताह कहा था कि छोटी एसयूवी वाली श्रेणी पहले से ही कार उद्योग की सबसे बड़ी श्रेणी है। जीएसटी दरों में सुधार के साथ-साथ 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों और ग्राहकों की बढ़ती आकांक्षाओं की वजह से मांग को भारी बढ़ावा मिल सकता है। वर्तमान में उद्योग की समूची यात्री वाहन बिक्री में छोटी एसयूवी की हिस्सेदारी लगभग 30 प्रतिशत है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘छोटी एसयूवी श्रेणी में सबसे अधिक वृद्धि देखी जा सकती है।’ इस बीच मारुति ने उम्मीद जताई है कि वित्त वर्ष 27 से छोटी कारों की बिक्री में लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि होगी।

दोपहिया और तिपहिया वाहनों की बिक्री चमकी

दोपहिया वाहनों की बिक्री में चमक दिखी और इसमें 7.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई। अगस्त में डीलरों को 18.3 लाख वाहनों की खेप भेजी गई। इस श्रेणी में स्कूटरों ने सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की। इसमें 12.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि मोटरसाइकलों की बिक्री 4.3 प्रतिशत बढ़कर 11 लाख हो गई। तिपहिया वाहनों की अगस्त की बिक्री 76,000 वाहनों के साथ अब तक की सर्वाधिक बिक्री रही। इसमें पिछले अगस्त की तुलना में 8.3 प्रतिशत की उछाल आई।

Advertisement
First Published - September 15, 2025 | 10:21 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement