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विनोद खोसला की बड़ी भविष्यवाणी: 2050 तक खत्म हो सकती है नौकरी की जरूरत, AI संभालेगा सारा मोर्चा

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समिट में उन्होंने यह बात दोहराई कि आउटसोर्सिंग उद्योग साल 2030 तक खत्म हो जाएगी। इस बात पर वह कुछ सालों से लगातार जोर देते रहे हैं

Last Updated- February 17, 2026 | 10:55 PM IST
artificial intelligence
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

भारत-अमेरिका के उद्यमी और उद्यम पूंजीपति विनोद खोसला ने आज बड़ा पूर्वानुमान लगाया कि साल 2050 तक शायद लोगों को नौकरी की जरूरत नहीं होगी क्योंकि आर्टिफिशल इंटेलिजेंस तेजी से आगे बढ़ रही है।

एआई इम्पैक्ट समिट में मंगलवार को उन्होंने कहा, ‘साल 2050 तक यह बात काफी स्पष्ट हो जाएगी कि किसी को भी नौकरी की जरूरत नहीं होगी।’ उन्होंने पीक15 के मोहित भटनागर के साथ चर्चा के दौरान कहा कि आर्टिफिशल इंटेलिजेंस दफ्तरों में काम करने वाले रोजगार के बड़े हिस्से को खत्म कर देगी।

समिट में उन्होंने यह बात दोहराई कि आउटसोर्सिंग उद्योग साल 2030 तक खत्म हो जाएगी। इस बात पर वह कुछ सालों से लगातार जोर देते रहे हैं। खोसला ने यह भी कहा कि एआई भारत जैसे देश के लिए खेल का रुख बदलने वाली साबित हो सकती है। खासकर हर भारतीय तक स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा पहुंचाने के मामले में।

उन्होंने कहा, ‘आज भारत में अगले एक या दो साल में हर भारतीय को लगभग मुफ्त एआई डॉक्टर उपलब्ध कराना संभव है। हर भारतीय बच्चे के लिए एआई का व्यक्तिगत ट्यूटर होना भी संभव है। यह किसी असली ट्यूटर के लिए भुगतान करने से कहीं बेहतर होगा क्योंकि एआई किसी व्यक्ति के ज्ञान का आकलन कर सकती है और अपने बहुत अनुकूल स्तर पर सिखा सकती है।’

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First Published - February 17, 2026 | 10:55 PM IST

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