facebookmetapixel
Advertisement
दिल्ली-एनसीआर में GRAP-1 की पाबंदियां लागू, वायु गुणवत्ता ‘खराब’ कैटेगरी में पहुंची Chana Price: चना हुआ गरम, आवक घटने और निचले भाव पर खरीद बढ़ने से भाव चढ़ेम्युचुअल फंड में महिला निवेशकों का AUM FY26 में ₹11 लाख करोड़ के पार, SIP में 29% हिस्सेदारीExplainer: क्या सिर्फ परिवार की प्रॉपर्टी में रहने से मिल जाता है मालिकाना हक? जानिए कानून क्या कहता हैThe Wealth Company बनी EGR से जुड़ने वाली पहली AMC, अब NSE पर मिलेगा शेयर की तरह सोनाBharat Electronics Q4 Results: मुनाफा 5% बढ़कर ₹2,225 करोड़ के पार, रेवेन्यू में भी 12% की जोरदार बढ़ोतरीIndia Markets Outlook: लंबी अव​धि में ग्रोथ की संभावना मजबूत, मार्च 2027 तक 29,000 पर पहुंच सकता है निफ्टीICICI PRU MF ने लॉन्च किए 2 नए SIF, लॉन्ग-शॉर्ट स्ट्रैटेजी पर फोकस; किन निवेशकों के लिए हैं बेहतर?Angel One से MCX तक क्यों दौड़ रहे हैं ये शेयर? निवेशकों में खरीदारी की होड़रेलवे के कर्मचारी दें ध्यान! सरकार ने पेंशन प्रोसेसिंग नियमों में किया बदलाव, PPO के लिए नई गाइडलाइन जारी

विनोद खोसला की बड़ी भविष्यवाणी: 2050 तक खत्म हो सकती है नौकरी की जरूरत, AI संभालेगा सारा मोर्चा

Advertisement

समिट में उन्होंने यह बात दोहराई कि आउटसोर्सिंग उद्योग साल 2030 तक खत्म हो जाएगी। इस बात पर वह कुछ सालों से लगातार जोर देते रहे हैं

Last Updated- February 17, 2026 | 10:55 PM IST
artificial intelligence
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

भारत-अमेरिका के उद्यमी और उद्यम पूंजीपति विनोद खोसला ने आज बड़ा पूर्वानुमान लगाया कि साल 2050 तक शायद लोगों को नौकरी की जरूरत नहीं होगी क्योंकि आर्टिफिशल इंटेलिजेंस तेजी से आगे बढ़ रही है।

एआई इम्पैक्ट समिट में मंगलवार को उन्होंने कहा, ‘साल 2050 तक यह बात काफी स्पष्ट हो जाएगी कि किसी को भी नौकरी की जरूरत नहीं होगी।’ उन्होंने पीक15 के मोहित भटनागर के साथ चर्चा के दौरान कहा कि आर्टिफिशल इंटेलिजेंस दफ्तरों में काम करने वाले रोजगार के बड़े हिस्से को खत्म कर देगी।

समिट में उन्होंने यह बात दोहराई कि आउटसोर्सिंग उद्योग साल 2030 तक खत्म हो जाएगी। इस बात पर वह कुछ सालों से लगातार जोर देते रहे हैं। खोसला ने यह भी कहा कि एआई भारत जैसे देश के लिए खेल का रुख बदलने वाली साबित हो सकती है। खासकर हर भारतीय तक स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा पहुंचाने के मामले में।

उन्होंने कहा, ‘आज भारत में अगले एक या दो साल में हर भारतीय को लगभग मुफ्त एआई डॉक्टर उपलब्ध कराना संभव है। हर भारतीय बच्चे के लिए एआई का व्यक्तिगत ट्यूटर होना भी संभव है। यह किसी असली ट्यूटर के लिए भुगतान करने से कहीं बेहतर होगा क्योंकि एआई किसी व्यक्ति के ज्ञान का आकलन कर सकती है और अपने बहुत अनुकूल स्तर पर सिखा सकती है।’

Advertisement
First Published - February 17, 2026 | 10:55 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement