अपेक्षाकृत सहज लक्ष्यों को देखकर लगता है कि सरकार की आर्थिक नीति हकीकत के अधिक करीब हुई है और लक्ष्य तय करने में समझदारी दिखाई जा रही है। बता रहे हैं टी टी राम मोहन वर्ष 2022-23 के केंद्रीय बजट से यह संकेत निकलता है कि सरकार निजीकरण की दिशा में सतर्क तरीके […]
अपेक्षाकृत सहज लक्ष्यों को देखकर लगता है कि सरकार की आर्थिक नीति हकीकत के अधिक करीब हुई है और लक्ष्य तय करने में समझदारी दिखाई जा रही है। बता रहे हैं टी टी राम मोहन वर्ष 2022-23 के केंद्रीय बजट से यह संकेत निकलता है कि सरकार निजीकरण की दिशा में सतर्क तरीके […]