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अन्य समाचार मानवाधिकार आयोग मणिपुर में मानवाधिकार स्थिति को लेकर नाखुश
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मानवाधिकार आयोग मणिपुर में मानवाधिकार स्थिति को लेकर नाखुश

PTI

- November,19 2013 10:03 PM IST

आयोग ने कहा कि एएफएसपीए को न्यायेत्तर हत्याओं के लिए खलनायक बना दिया गया है जिसमें से अधिकतर को अंजाम पुलिस द्वारा दिया जाता है।

शिविर सुनवायी के निष्कर्षों को साझा करते हुए मानवाधिकार आयोग ने कहा कि मध्याह्न भोजन योजना, आंगनवाड़ी एवं अस्पताल कार्य नहीं कर रहे हैं तथा राज्य सरकार की ओर से गत डेढ़ वर्ष के दौरान कोई भी दवा खरीदी या बेची नहीं गई।

आयोग के सदस्य सत्यव्रत पाल ने कहा, न्यायेत्तर हत्याओं के संबंध में काफी शिकायतें आने के बाद हमने इंफाल में 44 मामलों को जांच के लिए अपने हाथ में लिया। इसमें से हम किसी भी मामले को इस निष्कर्ष के साथ बंद नहीं कर पाये कि हमें दी गई रिपोर्ट सही थी और वह असली मुठभेड़ थी। हमें अभी तक किसी भी मामले में यह निष्कर्ष नहीं मिला है।

उन्होंने कहा कि यद्यपि सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून :एएफएसपीए: को न्यायेत्तर हत्याओं में खलनायक बनाया जाता है लेकिन अधिकतर मुठभेड़ों को पुलिस ने अंजाम दिया।

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