एचडीएफसी बैंक बोर्ड की नामांकन और पारिश्रमिक समिति (एनआरसी) संभवतः एक महीने के भीतर अपने एमडी और सीईओ शशिधर जगदीशन की फिर से नियुक्ति के मामले को देखेगी और इसे मंजूरी के लिए नियामक को भेजेगी। जगदीशन का मौजूदा कार्यकाल इस साल अक्टूबर में समाप्त हो रहा है।
भारतीय रिजर्व बैंक के मानकों के अनुसार किसी बैंक को कार्यकाल समाप्त होने से पांच से छह महीने पहले अपने बोर्ड से मंजूर सिफारिश नियामक को भेजनी होती है। जगदीशन के कार्यकाल के दौरान एचडीएफसी बैंक ने पूर्व मॉर्गेज ऋणदाता एचडीएफसी लिमिटेड के विलय का निर्णय लिया। यह विलय जुलाई 2023 से लागू हुआ।
गुरुवार की सुबह विश्लेषक कॉल के दौरान जगदीशन ने कहा कि बैंक का सबसे अच्छा दौर अब शुरू होगा, जिसमें वृद्धि विलय से पहले जैसे स्तर पर लौट आएगी। जगदीशन ने कहा, ‘बैंक का सबसे अच्छा समय अब शुरू होने वाला है और हम सभी इस विशेष अवसर का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।’
उन्होंने कहा, ‘दुनिया में उथल-पुथल के बीच अर्थव्यवस्था शायद एक अच्छे दौर में है। बैंक अब अच्छी स्थिति में है। हमारी एक राह थी और हम उस पर हैं। मेरे खयाल से आप उस तरह की वृद्धि देखेंगे जिसे विलय से पहले देखा जाता खा।’ जगदीशन ने बैंक के डिप्टी सीईओ कैजाद भरूचा के साथ मतभेद की खबरों को खारिज कर दिया और कहा कि वह खुश हैं कि भरूचा को इस साल अप्रैल से तीन साल के लिए फिर से नियुक्त किया गया है।
उन्होंने कहा, ‘हम सभी बोर्ड स्तर पर भी इस बात पर सहमत थे कि डिप्टी सीईओ के तौर पर उनका नाम एक और कार्यकाल के लिए भेजा जाए, यह अपने आप में बहुत कुछ दर्शाता है। हमें हद खुशी है कि इसे मंजूरी मिल गई है और वह अगले तीन साल तक इस पद पर बने रहेंगे, ये साल बैंक के इतिहास के सबसे बेहतरीन वर्षों में से एक साबित होंगे।’
एचडीएफसी लिमिटेड के साथ विलय के बाद, बैंक ने अपने ऊंचे ऋण-जमा (सीडी) अनुपात को कम करने के लिए अपनी वृद्धि की रणनीति में बदलाव किया। बैंक ने वित्त वर्ष 2025 में अपनी ऋण वृद्धि को काफी धीमा कर दिया था और वित्त वर्ष 2026 में अनुमान जताया है कि उसकी वृद्धि उद्योग के अनुरूप बढ़ेगी। बैंक का कहना है कि वित्त वर्ष 2027 से उसकी वृद्धि उद्योग के मुकाबले तेजी से होगा।
जगदीशन का इस समय यह दूसरा कार्यकाल है। उन्होंने अक्टूबर 2020 में आदित्य पुरी की जगह एचडीएफसी बैंक का कार्यभार संभाला था। केकी मिस्त्री ने एक मीडिया कॉल के दौरान कहा, ‘शशि की नियुक्ति पर नामांकन और पारिश्रमिक समिति विचार करेगी।’मिस्त्री को बुधवार को अतनु चक्रवर्ती के अचानक इस्तीफा देने के बाद अंतरिम अंशकालिक अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
मिस्त्री ने कहा, ‘वह पिछले कई वर्षों से बैंक को सफलतापूर्वक चला रहे हैं और हम सभी आशा करते हैं कि वह इन वर्षों में अपनी टीम के समर्पण के साथ विकास जारी रखेंगे।’
एचडीएफसी बैंक के अंशकालिक अध्यक्ष अतनु चक्रवर्ती ने पिछले दो वर्षों में बैंक के भीतर कुछ उन घटनाक्रम और प्रणालियों का हवाला देते हुए बुधवार को तत्काल प्रभाव से पद छोड़ दिया, जो उनके व्यक्तिगत ‘मूल्यों और नैतिकता’ के अनुरूप नहीं थीं।