जिला मजिस्ट्रेट कौशलराज शर्मा ने बताया कि दोनों विधायकों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई को लखनउ में परामर्श बोर्ड ने सहमति नहीं दी है।
सोम पर एक वीडियो अपलोर्ड करने का आरोप है जिसके कारण कथित तौर पर क्षेत्र में सांप्रदायिक तनाव भड़क गया। सोम को 21 सितंबर को मेरठ में गिरफ्तार किया गया। उन पर भड़काउ भाषण देने का भी आरोप है।
हिंसा को भड़काने में कथित भूमिका के कारण राणा को 20 सितंबर को लखनउ से गिरफ्तार किया गया था। इस हिंसा में 62 लोग मारे गये और 40 हजार से अधिक लोग बेघर हो गये।
बहरहाल, दोनों विधायक हिंसा संबंधी अन्य आरोपों के सिलसिले में हिरासत में रहेंगे।
जिले के बुढाना इलाके में इस हफ्ते के शुरू में भड़की ताजा हिंसा में तीन लोग मारे गये थे।
भाषा