शरारती तत्वों ने कल पिल्लै के स्मारक को जला दिया था और उनकी आवक्ष प्रतिमा को तोड़ दिया था । 1937 में केरल में कम्युनिस्ट पार्टी गठित हुई थी और पिल्लै उसके संस्थापक सचिव थे ।
पिल्लै की 19 अगस्त 1948 को सांप के काटने से उस समय मौत हो गई थी जब वह मुहम्मा में एक खेतिहर मजदूर की झोपड़ी में छिपे हुए थे । बाद में इस जगह को एक स्मारक में तब्दील कर दिया गया था ।
हड़ताल के चलते जिले के सभी भागों में दुकानें बंद रहीं और स्थानीय बसें तथा तिपहिया वाहन सड़कों से नदारद रहे। अंतर जिला बस सेवाओं को हड़ताल से बाहर रखा गया ।
पुलिस ने बताया कि कहीं से भी हिंसा की कोई खबर नहीं है ।
माकपा और भाकपा तथा अन्य वाम दलों दलों ने संयुक्त रूप से हड़ताल का आह्वान किया था जिन्होंने स्मारक में तोड़फोड़ का आरोप कांग्रेस पर लगाया है ।
कांग्रेस ने हालांकि, आरोपों से इनकार किया है । घटना की जांच के लिए पुलिस महानिरीक्षक :मध्य रेंज: के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई है ।
भाषा