तीन दिवसीय राष्ट्रीय सर्वोदय सम्मेलन कल शाम यहां शुरू हुआ जिसमें वक्ताओं ने अपराध, भ्रष्टाचार एवं बेरोजगारी मुक्त भारत तथा विश्व शांति की स्थापना के लिए गांधीवादी तरीकों को अपनाने का आह्वान किया।
इस सम्मेलन में देश भर के सर्वोदय कार्यकर्ता भाग ले रहे हैं। सम्मेलन को संबोधित करते हुए सेंटर फार पीस एंड स्पिरिचुएलिटी के मौलाना वहीदुद्दीन खान ने कहा कि सिर्फ अहिंसा से ही अच्छी स्थिति बन सकती है और दुनिया के सभी धर्मों में अहिंसा के महत्व की चर्चा की गयी है।
उन्होंने कहा कि हिंसा की अपेक्षा अहिंसा में अधिक शक्ति होती है और यही कारण है कि कश्मीर में आतंकवाद फैलाने वाले लोगों को काफी कम जनसमर्थन मिल रहा है।
कार्यक्रम के मुख्य आयोजक और जानेमाने गांधीवादी डा. एस एन सुब्बा राव ने कहा कि चरित्र एवं व्यक्तित्व के विकास से हिंसा, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी को देश से मिटाया जा सकता है।
पूर्व में डकैत रहे और 10 साल की सजा काट चुके नेत्रपाल ने महिलाओं को सुरक्षा मुहैया कराने में सरकार की नाकामी की आलोचना की और कहा कि डकैत भी महिलाओं के खिलाफ अपराध में लिप्त नहीं होते थे। नेत्रपाल ने 1976 में आत्मसमर्पण कर दिया था।