बिजनेस स्टैंडर्ड - फिर लक्ष्य से कम आया कर
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फिर लक्ष्य से कम आया कर

अभिषेक वाघमारे / नई दिल्ली 10 01, 2018

एक लाख करोड़ रुपये के लक्ष्य तक नहीं पहुंचा जीएसटी संग्रह

बिजनेस स्टैंडर्ड फिर लक्ष्य से कम आया करचालू वित्त वर्ष के लगातार पांचवें महीने सितंबर में भी वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह 1 लाख करोड़ रुपये महीने कर संग्रह के लक्ष्य से कम रहा है। बहरहाल सितंबर में एकत्र 944 अरब रुपये कर संग्रह अगस्त में संग्रहीत 940 अरब रुपये की तुलना में 0.5 प्रतिशत अधिक रहा है।  कर संग्रह में कमी की एक वजह 27 जुलाई से तमाम उत्पादोंं पर जीएसटी दरों में कटौती हो सकता है। यही वजह है कि सितंबर महीने में कर संग्रह जुलाई के 964.8 अरब रुपये से कम रहा है। 

अब सबकी नजर त्योहारी महीनों में इस बात पर रहेगी कि लक्ष्य हासिल होता है या नहीं। अब तक सिर्फ अप्रैल में लक्ष्य हासिल किया जा सका है, खासकर इस स्थिति में ऐसा हुआ, जब पहले के महीनों के बकाये का भुगतान हुआ था। सालाना आधार पर जीएसटी संग्रह सितंबर 2017 की तुलना में 2.5 प्रतिशत बढ़कर 922 अरब रुपये हो गया।

अगस्त महीने में सालाना वृद्धि 3.3 प्रतिशत थी। खेतान ऐंड कंपनी के वकील अभिषेक रस्तोगी ने कहा, 'अभी भी कर संग्रह इच्छित आंकड़ों से 6 प्रतिशत नीचे है।' सितंबर महीने के आंकड़े के बाद जीएसटी संग्रह का औसत मासिक संग्रह 2018-19 में मामूली कम हुआ है। यह अप्रैल अगस्त के औसत संग्रह 967 अरब रुपये से घटकर अप्रैल सितंबर मेंं 963 अरब रुपये रह गया है।  

सरकार के सूत्र जीएसटी संग्रह में धीमी रफ्तार से बढ़ोतरी की 2 वजहें बताते हैं। पहला, परिषद की बैठकों में विभिन्न सामान पर कर की दरें कम कर दी गई हैं, जिसका नकारात्मक असर पड़ा है।  दूसरे, चुनावी साल की चिंताओं की वजह से यह धारणा है कि कर के फिर से आकलन व दंडित करने के मामले कम रहेंगे।  

इस वित्त वर्ष में दूसरी बार एकीकृत जीएसटी का संग्रह सितंबर महीने में 500 अरब से पार चला गया है। विशेषज्ञ अब त्योहारी सीजन में संग्रह में संभावित बढ़ोतरी पर नजर बनाए हुए हैं। एनए शाह एसोसिएट्स के पार्टनर पराग मेहता ने कहा, 'अब अगले 3 महीने त्योहारी सीजन चलेगा, जिससे प्रतिमाह 1 लाख करोड़ रुपये कर संग्रह हो सकता है।' ईवाई के पार्टनर अभिषेक जैन ने कहा कि सितंबर के आंकड़ों से भविष्य के धूमिल संकेत मिलते हैं। 

पीडब्ल्यूसी के पार्टनर प्रतीक जैन का कहना है कि अक्टूबर का राजस्व ज्यादा रिफंड की वजह से प्रभावित हो सकता है, जिसका शुरुआती महीनोंं में असर हो सकता है। आईजीएसटी के 500 अरब रुपये के अतिरिक्त 153 अरब रुपये का संग्रह एसजीएसटी के रूप में और 210 अरब रुपये सीजीएसटी के रूप में हुआ है।

वहीं मुआवजा उपकर से महज 80 अरब रुपये मिले हैं। आईजीएसटी समायोजन के बाद केंद्र व राज्यों द्वारा अर्जित कुल केंद्रीय राजस्व 306 अरब रुपये और राज्य जीएसटी 350 अरब रुपये रहा है। सितंबर महीने में करीब 67 लाख रिटर्न दाखिल किए गए हैं। यह अगस्त के करीब बराबर है। 

Keyword: GST, वस्तु एवं सेवा कर, जीएसटी, Khaitan and Company, Tax Collection, festive months, GST Council,
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