facebookmetapixel
Advertisement
विकास के अगले चरण के लिए भूमि व कारोबारी माहौल में सुधार जरूरी: प्रधानमंत्री मोदी तमिलनाडु में सरकार के 100 दिन, एमजीआर की याद दिला रहे विजयपश्चिम बंगाल में कारोबार को बढ़ावा, नई सरकार के पहले 100 दिन में निवेश पर जोर1991 के आ​र्थिक सुधारों से उद्योग को मिला प्रतिस्पर्धा का भरोसा, औद्योगिक और व्यापार नीति में तालमेल बिठाना जरूरीऑफर फॉर सेल के जरिये जुटाई गई रकम में उफान, LIC का अहम योगदानQ1 Results: लिस्टेड कंपनियों के मुनाफे में 16% की तेज बढ़त, BFSI और मेटल सेक्टर का बड़ा योगदानRBI के फैसले से बैंकों में हलचल, FCNR(B) जमा जुटाने की रफ्तार बढ़ीबाजार हलचल: प्री-आईपीओ शेयर, नया SLB कॉन्ट्रैक्ट और UPI नियम पर नजरजुलाई में बायोकॉन बनी MF की पसंदीदा स्मॉल-कैप खरीद, ₹3,300 करोड़ का निवेशराजस्व और मार्जिन के मोर्चे पर अपोलो से आगे मैक्स, मरीजों की बढ़ती संख्या से ग्रोथ को सहारा

India-UK FTA को लेकर PM Modi की यूके यात्रा, वापसी में मालद्वीव

Advertisement

प्रधानमंत्री मोदी की यह द्विपक्षीय यात्राएं भारत की रणनीतिक और आर्थिक साझेदारियों को विस्तार देने की दिशा में अहम मानी जा रही हैं।

Last Updated- July 20, 2025 | 7:53 PM IST
PM Modi in Canada
प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 23-24 जुलाई को दो दिवसीय यात्रा पर ब्रिटेन जाएंगे, जहां उनकी प्राथमिकता भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर करना और द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को मज़बूत करना होगी। इस यात्रा के बाद प्रधानमंत्री 25-26 जुलाई को मालदीव का दौरा करेंगे।

विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी की ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर से व्यापक वार्ता होगी। दोनों नेता Comprehensive Strategic Partnership (CSP) की प्रगति की समीक्षा करेंगे।
वार्ता के मुख्य बिंदु होंगे:

  • व्यापार और अर्थव्यवस्था 
  • प्रौद्योगिकी और नवाचार 
  • रक्षा और सुरक्षा 
  • जलवायु, स्वास्थ्य, शिक्षा 
  • लोगों से लोगों का जुड़ाव

यह प्रधानमंत्री मोदी का चौथा दौरा होगा ब्रिटेन के लिए बतौर प्रधानमंत्री। यात्रा के दौरान उनके ब्रिटेन के राजा चार्ल्स से भी मुलाकात की संभावना है।

Also read: Explainer: 57 साल बाद भारतीय प्रधानमंत्री की Argentina यात्रा, क्या थी पीएम मोदी की रणनीति 

ब्रिटेन से लौटते समय प्रधानमंत्री मोदी 25 और 26 जुलाई को मालदीव में होंगे। यह उनकी मालदीव की तीसरी यात्रा है और राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के कार्यकाल में किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष की पहली आधिकारिक यात्रा होगी।

भारत और मालदीव के बीच अक्टूबर 2024 में बनी ‘Comprehensive Economic and Maritime Security Partnership’ की समीक्षा इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य होगा। दोनों देश समुद्री सुरक्षा, व्यापार और आर्थिक सहयोग को और मज़बूत करने की दिशा में चर्चा करेंगे।

Also read: Explainer: क्यों महत्वपूर्ण है पीएम मोदी की Cyprus यात्रा? 

इस बीच, नेपाल के विदेश मंत्रालय ने रविवार को बताया कि नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली 16-17 सितंबर को भारत की आधिकारिक यात्रा पर आएंगे।
जुलाई 2024 में चौथी बार प्रधानमंत्री बने ओली ने चीन को अपनी पहली विदेश यात्रा के रूप में चुना, जिससे उन्होंने भारत यात्रा की पारंपरिक प्राथमिकता को तोड़ा।

प्रधानमंत्री मोदी की यह द्विपक्षीय यात्राएं भारत की रणनीतिक और आर्थिक साझेदारियों को विस्तार देने की दिशा में अहम मानी जा रही हैं।

  • ब्रिटेन के साथ FTA पर हस्ताक्षर से निर्यात और निवेश को नई गति मिलने की उम्मीद है। 
  • वहीं मालदीव के साथ समुद्री सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा में भारत की भूमिका को और बल मिलेगा। 
  • नेपाल के साथ संबंधों में भी नई दिशा और स्पष्टता आने की संभावना है, खासकर ओली के रुख को देखते हुए।

 

Explainer: पीएम मोदी के 5 देशों के दौरे से Rare Earth Minerals मामले में क्या मिला?

Advertisement
First Published - July 20, 2025 | 7:37 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement