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India-UK FTA को लेकर PM Modi की यूके यात्रा, वापसी में मालद्वीव

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प्रधानमंत्री मोदी की यह द्विपक्षीय यात्राएं भारत की रणनीतिक और आर्थिक साझेदारियों को विस्तार देने की दिशा में अहम मानी जा रही हैं।

Last Updated- July 20, 2025 | 7:53 PM IST
PM Modi in Canada
प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 23-24 जुलाई को दो दिवसीय यात्रा पर ब्रिटेन जाएंगे, जहां उनकी प्राथमिकता भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर करना और द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को मज़बूत करना होगी। इस यात्रा के बाद प्रधानमंत्री 25-26 जुलाई को मालदीव का दौरा करेंगे।

विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी की ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर से व्यापक वार्ता होगी। दोनों नेता Comprehensive Strategic Partnership (CSP) की प्रगति की समीक्षा करेंगे।
वार्ता के मुख्य बिंदु होंगे:

  • व्यापार और अर्थव्यवस्था 
  • प्रौद्योगिकी और नवाचार 
  • रक्षा और सुरक्षा 
  • जलवायु, स्वास्थ्य, शिक्षा 
  • लोगों से लोगों का जुड़ाव

यह प्रधानमंत्री मोदी का चौथा दौरा होगा ब्रिटेन के लिए बतौर प्रधानमंत्री। यात्रा के दौरान उनके ब्रिटेन के राजा चार्ल्स से भी मुलाकात की संभावना है।

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ब्रिटेन से लौटते समय प्रधानमंत्री मोदी 25 और 26 जुलाई को मालदीव में होंगे। यह उनकी मालदीव की तीसरी यात्रा है और राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के कार्यकाल में किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष की पहली आधिकारिक यात्रा होगी।

भारत और मालदीव के बीच अक्टूबर 2024 में बनी ‘Comprehensive Economic and Maritime Security Partnership’ की समीक्षा इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य होगा। दोनों देश समुद्री सुरक्षा, व्यापार और आर्थिक सहयोग को और मज़बूत करने की दिशा में चर्चा करेंगे।

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इस बीच, नेपाल के विदेश मंत्रालय ने रविवार को बताया कि नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली 16-17 सितंबर को भारत की आधिकारिक यात्रा पर आएंगे।
जुलाई 2024 में चौथी बार प्रधानमंत्री बने ओली ने चीन को अपनी पहली विदेश यात्रा के रूप में चुना, जिससे उन्होंने भारत यात्रा की पारंपरिक प्राथमिकता को तोड़ा।

प्रधानमंत्री मोदी की यह द्विपक्षीय यात्राएं भारत की रणनीतिक और आर्थिक साझेदारियों को विस्तार देने की दिशा में अहम मानी जा रही हैं।

  • ब्रिटेन के साथ FTA पर हस्ताक्षर से निर्यात और निवेश को नई गति मिलने की उम्मीद है। 
  • वहीं मालदीव के साथ समुद्री सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा में भारत की भूमिका को और बल मिलेगा। 
  • नेपाल के साथ संबंधों में भी नई दिशा और स्पष्टता आने की संभावना है, खासकर ओली के रुख को देखते हुए।

 

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First Published - July 20, 2025 | 7:37 PM IST

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