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छोटे व मझोले उद्योगों के लिए नई नीति ला रही योगी सरकार

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Last Updated- December 11, 2022 | 5:57 PM IST

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार जल्द ही छोटे व मझोले उद्योगों के लिए नई नीति लेकर आ रही है। नई एमएसएमई नीति राज्य में नए उद्यम लगा रहे निवेशकों के लिए कारोबारी सुगमता उपलब्ध कराएगी।
प्रदेश के एमएसएमई मंत्री राकेश सचान के मुताबिक नई नीति में उद्यमियों को कई तरह की सुविधाएं दी जाएंगी। अभी तक जिन उद्यमियों पर कर्ज होता था, उन्हें सब्सिडी की सुविधा नही मिल पाती थी, लेकिन नई नीति में इसे डिलिंक किया जा रहा है। अब जिन इकाइयों पर कर्ज है,  उन्हें भी सब्सिडी मिलेगी।
एसोसिएटिड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स ऐंड इंडस्ट्री (एसोचैम) की ओर से आयोजित एमएसएमई सम्मेलन को सोमवार को संबोधित करते हुए सचान  ने कहा कि इसी महीने 30 जून को प्रदेश में एक बड़े ऋण मेले का आयोजन किया जाएगा। इस मेले में प्रदेश के करीब एक लाख से ज्यादा हस्तशिल्पियों कारीगरों व छोटे उद्यमियों को कर्ज उपलब्ध कराया जाएगा। इस ऋण मेले की शुरुआत इसी सप्ताह गुरुवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगीआदित्यनाथ करेंगे, जिसे उसी दिन प्रदेश के सभी जिलों में भी आयोजित किया जाएगा।
सचान ने कहा कि राज्य सरकार छोटे उद्यमियों और निवेशकों की सुविधा और प्रोत्साहन के लिये अनेक कदम उठा रही है। राज्य में निवेश करने वाले उद्यमियों को 72 घंटे के भीतर ही उद्योग के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) दिया जा रहा है। उद्यम शुरु होने के बाद उद्यमी को 1,000 दिन का समय सभी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए दिया जा रहा है। राकेश सचान ने कहा कि पिछले पांच साल के दौरान राज्य में 96 लाख उद्यमियों को 2.5 लाख करोड़ रुपये का कर्ज दिया गया और इस दौरान बड़े पैमाने पर राज्य में निवेश हुआ है।
उन्होंने  कहा कि कानपुर में चमड़ा कारोबार का मेगा क्लस्टर बनाया जा रहा है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले 100 दिन के एजेंडा के तहत आगरा, गोरखपुर में भी क्लस्टर बनाने की दिशा में पहल की जा रही है।

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First Published - June 28, 2022 | 12:30 AM IST

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