Year Ender 2025: भारत में वर्ष 2025 पर्यटन के लिहाज से बेहद अहम रहा और इसकी शुरुआत धमाकेदार अंदाज में हुई। ब्रिटिश रॉक बैंड कोल्डप्ले के मुंबई और अहमदाबाद में हुए पांचों कंसर्ट हाउसफुल रहे, जिससे हवाई किराये, ट्रेन टिकट और होटल के दाम लगभग 20 प्रतिशत तक बढ़ गए। इसके तुरंत बाद, उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महा कुंभ का आयोजन हुआ, जिसमें गंगा में डुबकी लगाने के लिए 45 दिनों में वहां 66 करोड़ से ज्यादा लोग पहुंचे।
लक्जरी विला रेंटल कंपनी स्टेविस्टा के सह-संस्थापक अमित दमाणी का कहना है, ‘हम देख रहे हैं कि लोगों का रुझान बेहतर अनुभव लेने की ओर बढ़ रहा है। इसीलिए वे कोल्डप्ले जैसे कंसर्ट के लिए देश भर से उड़ान भरने या किसी मेले में इकट्ठा होने को तैयार हैं।’ आने वाले साल में भी उन्हें क्रिकेट वर्ल्ड कप, कंसर्ट और वेलनेस गतिविधियों जैसे इवेंट से यात्रा की मांग बढ़ने की उम्मीद है और इससे अच्छी गुणवत्ता के ठहरने वाली जगहों की मांग भी बढ़ेगी। अगले साल की शुरुआत में बेंगलूरु और मुंबई में जनवरी में अमेरिकन रॉक बैंड लिंकिन पार्क और गायक जॉन मेयर के कंसर्ट होंगे और इसके बाद फरवरी से एक महीने तक पुरुषों का आईसीसी टी20 क्रिकेट वर्ल्ड कप होगा।
द लीला पैलेसेस, होटल्स ऐंड रिजॉर्ट्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनुराग भटनागर का कहना है, ‘नए साल का आगाज होने ही वाला है और 2026 में भारत में यात्रा और होटल उद्योग एक अधिक परिपक्व, अनुभव देने वाले चरण में प्रवेश कर रहा है। गुणवत्ता पर जोर दिए जाने के साथ ही दीर्घकालिक स्तर के लिए इसे मूल्यवान बनाने की कोशिश है।’ उन्होंने आगे कहा कि पर्यटक सांस्कृतिक गहराई, वेलनेस और सार्थक कनेक्शन को अधिक महत्व दे रहे हैं, और इन उम्मीदों से लक्जरी होटल के तौर-तरीकों को आकार मिल रहा है।
ऐसा नहीं था कि 2025 में कोई बाधा नहीं थी। भारत ने खुद को एक भूराजनीतिक खींचतान में फंसा हुआ पाया, जिससे पर्यटन की धारणा पर नकारात्मक असर हुआ। अप्रैल में, जम्मू और कश्मीर में पर्यटन के मौसम में, पहलगाम में एक आतंकी हमले में 26 नागरिकों की जान चली गई। इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच एक सप्ताह तक संघर्ष चला, जिसमें उत्तर-पश्चिमी सीमा पर ऑपरेशन सिंदूर चलाया गया, जिससे न केवल पर्यटन बल्कि क्षेत्र में दैनिक जीवन भी बाधित हो गया।
इस संघर्ष के कारण अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा सहित दूतावासों ने पर्यटन से जुड़ी चेतावनी वाले संदेश भी जारी किए जिससे विदेशी पर्यटकों के आगमन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा, जो अभी तक 2019 में महामारी से पहले के 1.09 करोड़ के शीर्ष स्तर पर नहीं पहुंचा है।
पर्यटन मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि वर्ष 2022 में विदेशी पर्यटकों के आगमन का आंकड़ा 64.4 लाख तक पहुंच गया और 2023 में यह बढ़कर 95.2 लाख और 2024 में 99.5 लाख तक पहुंच गया। अगस्त 2025 तक, यह संख्या 56 लाख थी जो पिछले साल की इसी अवधि के दौरान दर्ज किए गए 63 लाख से कम है।
विदेशी पर्यटकों की संख्या अब भी चिंता का विषय है, लेकिन घरेलू पर्यटन तेजी से आगे बढ़ा है, जिससे होटल क्षेत्र में मांग-आपूर्ति का पुराना असंतुलन और बढ़ गया है। हिल्टन होटल्स कॉरपोरेट में दक्षिण एशिया के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और क्षेत्रीय प्रमुख जुबिन सक्सेना का कहना है, ‘नए साल में देश में घरेलू यात्रा और पर्यटन के वास्तव में वृद्धि के एक अहम कारक बने रहने की उम्मीद है। दरअसल इसे खर्च करने योग्य बढ़ती आमदनी और मध्यम वर्ग के विस्तार के साथ ही बेहतर कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचा का समर्थन मिल रहा है।’
उन्होंने आगे कहा कि घरेलू पर्यटकों का खर्च, पहले ही महामारी से पहले के स्तर से काफी ऊपर चला गया है और इसमें विस्तार जारी है, जिसके कारण होटल, परिवहन, अनुभव वाली यात्राएं और किसी विशेष गंतव्यों वाले पर्यटन आधारित पेशकश की मांग बढ़ रही है।
इंडस्ट्री के पूर्वानुमानों से पता चलता है कि वर्ष 2024 में घरेलू पर्यटकों की संख्या लगभग 2.5 अरब ट्रिप से बढ़कर 2030 तक लगभग 5.2 अरब हो सकती है और सक्सेना का कहना है, ‘यह एक स्थिर सालाना वृद्धि की राह को दर्शाता हैं।’
रुपये के मूल्य में गिरावट से घरेलू यात्रा को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। दमाणी का कहना है, ‘भारत से बाहर की यात्रा खासतौर पर वियतनाम और थाईलैंड जैसे उभरते पर्यटन केंद्रों के लिए अहम रही है, लेकिन गिरते रुपये का कारोबार पर असर पड़ेगा। इसका मतलब यह नहीं है कि अंतरराष्ट्रीय यात्रा बंद हो जाएगी, लेकिन भारतीय लोग ज्यादातर घरेलू पर्यटन स्थलों की ओर आकर्षित होंगे।’वह आगे कहते हैं कि नतीजतन, राजस्थान, केरल और गोवा जैसी जगहों पर जो पारंपरिक रूप से विदेशी पर्यटकों पर निर्भर थे, अब घरेलू मांग में बदलाव देख रहे हैं।
हालांकि, यात्रा की रफ्तार को बनाए रखने के लिए मजबूत समर्थन तंत्र की आवश्यकता होगी। नए हवाई अड्डों और राजमार्गों ने कनेक्टिविटी में सुधार किया है लेकिन आपूर्ति पक्ष की बाधाएं अनुभव को बाधित करती रहती हैं। इस महीने की शुरुआत में, भारत की सबसे बड़ी किफायती विमानन कंपनी इंडिगो ने पायलटों के आराम और ड्यूटी के घंटों पर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय के नए नियमों के लागू होने के बाद 5,000 से अधिक उड़ानें रद्द कर दीं।
इस व्यवधान का असर पूरे क्षेत्र पर पड़ा, जिससे यात्रा योजनाओं में बदलाव हुआ और होटल कंपनियों को बुकिंग कैंसिल करने के संदेश मिलने लगे। हालांकि इस प्रकरण ने भारतीय विमानन क्षेत्र के दोहरे एकाधिकार स्वभाव को भी उजागर किया, जिस पर सिर्फ दो प्रमुख खिलाड़ियों का दबदबा है लेकिन आपूर्ति की बाधाएं काफी ज्यादा हैं।
होटल क्षेत्र की परामर्श कंपनी होटलिवेट और होर्वथ के अनुसार, 2024 में भारत में ब्रांडेड होटल के कमरों की इन्वेंट्री लगभग दो लाख कमरे की थी और 2030 तक इसके तीन लाख तक पहुंचने का अनुमान है जो अब भी मांग से कम है। हालांकि, उस अंतर ने, इस साल होटल कंपनियों के लिए रिकॉर्ड वृद्धि को बढ़ावा दिया है, जबकि नए ब्रांड के लिए रास्ता खुल गया है।
ताज होटल्स की मूल कंपनी इंडियन होटल्स ने लगातार 14वीं तिमाही तक शानदार प्रदर्शन के रिकॉर्ड को बरकरार रखते हुए सितंबर में भी रिकॉर्ड प्रदर्शन दर्ज किया। साल की पहली छमाही 4,081 करोड़ रुपये के परिचालन राजस्व में 21 प्रतिशत की वृद्धि के साथ समाप्त हुई। इस बीच, आईटीसी होटल्स ने मध्यम अवधि में लगभग 1,000 कमरों को जोड़ने के लक्ष्य के साथ एक नए ब्रांड, ‘एपिक कलेक्शन’ के लॉन्च के साथ प्रीमियम सेगमेंट में प्रवेश करने की घोषणा की। न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध हिल्टन ने भी आने वाले वर्ष में भारत में आठ नए होटल खोलने की योजना बनाई है।