facebookmetapixel
Q3 Preview: घरेलू बिक्री बढ़ी, दवा कंपनियों की Q3 आमदनी में 8-11% तक उछालUPI को ग्लोबल बनाने की जरूरत, छोटे मर्चेंट्स के लिए सेटलमेंट को सही करना जरूरी: Pay10 के फाउंडरवर्कप्लेस पर तेजी से बढ़ रहा है AI का इस्तेमाल, लेकिन ट्रेनिंग में पीछे छूट रही हैं कंपनियां: रिपोर्टMauni Amavasya 2026: प्रयागराज में संगम पर उमड़ी करोड़ों की श्रद्धालुओं की भीड़, शंकराचार्य विवाद में फंसेदुनिया भर में बढ़ रही भारतीय दवाओं की मांग, नाइजीरिया और ब्राजील बने नए बड़े ठिकानेMarket Outlook: इस हफ्ते शेयर बाजार की चाल तय करेंगे Q3 नतीजे और ग्लोबल संकेतMCap: मार्केट में SBI और Infosys का जलवा, Reliance समेत कई कंपनियों की वैल्यू में गिरावटनेविल टाटा की सर रतन टाटा ट्रस्ट में नियुक्ति की कोशिश फिर फेल, बोर्ड मीटिंग क्वोरम पूरा न होने से रद्दत्योहारी रफ्तार से दौड़ा ऑटो सेक्टर, Q3FY26 में कमाई के नए रिकॉर्ड के संकेतFPIs का बिकवाली दौर जारी, जनवरी में निकाले ₹22,530 करोड़

महाराष्‍ट्र में शुरू हुई विकेल ते पिकेल योजना

Last Updated- December 12, 2022 | 8:07 AM IST

कृषि क्षेत्र को अधिक बढ़ावा देने के लिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने ‘विकेल ते पिकेल’ योजना शुरू की है। इस योजना से किसानों को सीधा फायदा हो सकेगा। किसानों हितों को ध्‍यान में रखते हुए ही महाराष्ट्र की महाविकास आघाडी सरकार यह योजना शुरू कर रही है।
विकेल ते पिकेल  का मतलब है –  जो बिकेगा, वही उगेगा। इसके लिए बाजार की अच्‍छी व्‍यवस्‍था होनी चाहिए। इसके जरिये किसान प्रत्यक्ष रूप में ग्राहक को अपना सब्जी और फल बेच ससकता है जिससे उसे ज्यादा पैसा मिलता है।
रायगड जिले के कर्जत तालुका कृषि क्षेत्र के अधिकारियों की तरफ से किसानों का माल प्रत्यक्ष ग्राहक को भेजने के लिए रायगड जिले में विकेल ते पिकेल शुरू की गई है। नवी मुंबई, रायगड की सोसायटी में जाकर अधिकारियों से अनुमति लेने के लिए अनुमति प्रदान की गई है। इस योजना में किसान से ग्राहक तक ताजा माल पहुंचता है। यानी ग्राहक और किसान दोनों को ही फायदा होता है।
खोपोली के कृषि उप विभागीय अधिकारी अर्चना सुल ने कहा कि पूरे महाराष्ट्र में अभियान चालू है। किसान पनवेल, कलंबोली तक के ग्राहकों को माल बेच रहा है। हम किसानों को फसल बेचने में मदद करते हैं। बाहर से आने वाले किसानों को भी उनका माल बेचने के लिए मदद की जाती है। हम किसानों को प्रशिक्षण देते हैं।
कर्जत के तालुका तंत्रज्ञान व्यवस्थापक रेश्मा मते ने कहा कि हम कर्जत के किसानों को माल बिक्री के लिए नवी मुंबई में सोसायटी के अध्यक्ष और सचिव से किसानों का अनुमति दिला रहे हैं। सोसायटी से अनुमती मिलने के बाद बिक्री चालू हो जाएगी।
कर्जत के किसान सुनील भगवान रसाल ने कहा कि इस बार मैंने तरबूज की खेती की है।  मैं इस अभियान में हाल ही में आया हूं। मैं  पहले व्यपारियों को माल बेचता था, लेकिन अब खुद ग्राहक तक जाता हूं और माल बेचता हूं। मुझे ग्राहक से अच्छा फायदा मिल  रहा है। ग्राहक भी खुश होते हैं। मैं पहले 10 रुपये किलो की दर से व्यापारियों को तरबूज बेचता था, अब 15 रुपये प्रति किलो की दर से ग्राहक को बेच रहा हूं। मेरा भी फायदा हो रहा है और ग्राहक को भी।

First Published - February 17, 2021 | 11:16 PM IST

संबंधित पोस्ट