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उप्र: जल्द ही शुरू होगा ई-स्टैंपिंग

Last Updated- December 08, 2022 | 7:00 AM IST

स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के सहयोग से उत्तर प्रदेश सरकार ने अब जमीन की खरीद के काम में ई-स्टैंप के इस्तेमाल की शुरुआत करने का फैसला किया है।


जल्दी इस सूबे में ई-स्टैंप के इस्तेमाल की शुरुआत हो जाएगी। गौरतलब है कि देश के कई राज्यों जैसे महाराष्ट्र, दिल्ली, गुजरात और तमिलनाडु में पहले ही ई-स्टैंपिंग की शुरुआत की जा चुकी है।

दिल्ली देश का पहला राज्य है जहां कि 500 रुपये से अधिक के स्टैंप डयूटी पर ई-स्टैंप को अनिवार्य कर दिया गया है।

बिहार और पंजाब में भी जल्दी ही ई-स्टैंप की शुरुआत की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन को 0.6 फीसदी की दर से कमीशन का भुगतान किया जाएगा।

ई-स्टैंप के लिए प्रदेश सरकार सौ से ज्यादा तहसीलों में फै्रंकिंग मशीन लगाई जाएगी जिसके जरिए बिक्री अभिलेखों में ई-स्टैंप लगाए जाएंगे।

नए स्टैंप सिस्टम में बिक्री अभिलेखों में एक स्मार्ट चिप भी लगाई जाएगी जिसमें पूरे लेन-देन का विवरण दर्ज होगा। भवन या भूखंड खरीदने वाले को स्टैंप-डयूटी के बराबर की धनराशि स्टॉक होल्डिंग के कार्यालय में या उसके लिए नियुक्त बैंक में करनी होगी।

पहले चरण में प्रदेश के 216 तहसीलों में से 108 में ई-स्टैंप प्रणाली लागू की जाएगी जिसे बाद में बाकी बची 198 तहसीलों में भी लागू कर दिया जाएगा।

सूत्रों का कहना है कि ई-स्टैंप को बिक्री अभिलेखों में चलन में लाने का प्रस्ताव बीते दो सालों से लंबित है।

अब सरकार एक नया कानून उत्तर प्रदेश स्टैंप डयूटी एक्ट 2008 के जरिए इस प्रस्ताव को लागू करने जा रही है।

अधिकारियों का कहना है कि प्रस्ताव प्रदेश सरकार ने तैयार कर भारत के राष्ट्रपति के पास मंजूरी के लिए भेज दिया है। कर विभाग के प्रमुख सचिव के कार्यालय के अनुसार नया एक्ट इसी वित्तीय वर्ष में लागू कर दिया जाएगा।

गौरतलब है कि ई-स्टैंप की शुरुआत करने का प्रस्ताव पहली बार उत्तर प्रदेश 2006 में तब तैयार किया गया था जब प्रदेश में बड़े पैमाने पर नकली स्टैंप पेपर चलन मे पाए गए थे।

First Published - December 3, 2008 | 9:14 PM IST

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