facebookmetapixel
SEBI का नया प्रस्ताव: ₹20,000 करोड़ AUM वाले इंडेक्स अब नियमों के दायरे में आएंगेSBI YONO यूजर्स को सरकार की चेतावनी: फर्जी आधार APK से रहें सावधान, नहीं तो होगा भारी नुकसानFlexi-Cap Funds: 2025 में रहा सुपरस्टार, AUM ₹5.52 लाख करोड़; फंड मैनेजर पर है भरोसा तो करें निवेशRealty Stock: नतीजों के बाद बनेगा रॉकेट! ब्रोकरेज ने BUY रेटिंग के साथ दिया 61% अपसाइड का टारगेटQ3 रिजल्ट के बाद PNB का शेयर 52-वीक हाई से 5.37% नीचे लुढ़का; जानें क्या है कारणPNB Q3FY26 Results: मुनाफा 11.6% बढ़कर ₹5,189 करोड़ के पार, ब्याज से होने वाली आय भी 3% बढ़ाराहत अब काफी नहीं! एक्सपर्ट की मांग: बजट में प्री-फंडेड क्लाइमेट इंश्योरेंस पॉलिसी पर सोचे सरकार₹3 लाख के पार चांदी, क्या अभी भी कमाई का मौका बचा है, जानें क्या कह रहे हैं एक्सपर्टNFO: Parag Parikh MF ने उतारा नया लॉर्ज कैप फंड, ₹1,000 से निवेश शुरू; क्या है इसमें खास?Trump ने नोबेल पुरस्कार न मिलने का ठीकरा फोड़ा, ग्रीनलैंड को बनाया सुरक्षा मुद्दा

दिल्ली : न्यायालय से महंगाई भत्ते पर उद्यमियों को राहत

Last Updated- December 12, 2022 | 12:37 AM IST

दिल्ली के ऐसे उद्यमियों को अदालत से राहत मिली है, जो दिल्ली सरकार द्वारा श्रमिकों के न्यूनतम वेतन में बढाए जा रहे महंगाई भत्ते का विरोध कर रहे हैं और उन्हें श्रम अदालत ने समन किया है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने बढा हुआ महंगाई भत्ता न देने वाले उद्यमियों के खिलाफ श्रम अदालत में चल रहे मामलों पर अंतिम फैसला देने पर रोक लगा दी है। दिल्ली सरकार ने मार्च 2017 में न्यूनतम वेतन में करीब 37 फीसदी की वृद्धि की थी जिसके खिलाफ उद्यमियों के संगठन अपेक्स चैंबर ऑफ कॉमर्स ऐंड इंडस्ट्री ऑफ एनसीटी दिल्ली ने अदालत में याचिका दायर की थी। इस मामले में उच्चतम न्यायालय ने उद्यमियों को राहत तो नहीं दी, लेकिन दिल्ली उच्च न्यायालय जाने को कहा था।
चैंबर के उपाध्यक्ष रघुवंश अरोड़ा ने बताया उच्चतम न्यायालय के आदेश पर दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की गई थी। इस याचिका के साथ ही महंगाई भत्ते की गणना पर आपत्ति दर्ज कराते हुए भी आवेदन दाखिल किया गया था। अरोड़ा ने कहा कि उद्यमी मार्च 2017 की अधिसूचना के अनुसार न्यूनतम वेतन तो दे रहे हैं। लेकिन सरकार ने इस अधिसूचना के बाद कई बार महंगाई भत्ते में भारी बढ़ोतरी की है। उद्यमियों को महंगाई भत्ते की गणना की विधि पर आपत्ति है। सरकार इस भत्ते में 400 से 600 रूपये तक बढ़ोतरी कर रही है, जबकि यह बढ़ोतरी 360 रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। सरकार की गणना के अनुसार महंगाई भत्ता न देने वाले उद्यमियों के खिलाफ श्रम अदालत मामले में दर्ज किए जा रहे हैं। चैंबर ने न्यायालय में सरकार द्वारा महंगाई भत्ते की गणना गलत तरीके से करने के संबंध में आवेदन दाखिल कर तथ्य रखे हैं जिसे अब न्यायालय ने रिकॉर्ड में ले लिया है। उच्च न्यायालय ने पिछले सप्ताह चैंबर की याचिका पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये सुनवाई करते हुआ कहा कि संबंधित प्राधिकारी अंतिम आदेश पारित नहीं करेंगे। इस मामले में अगली सुनवाई 11 नवंबर को होगी। अरोड़ा ने बताया कि न्यायालय द्वारा संबंधित प्राधिकारियों को अंतिम आदेश देने से रोकने के फैसले से उद्यमियों को श्रम अदालत की कार्रवाई से फिलहाल राहत मिल गई है।

First Published - September 30, 2021 | 11:51 PM IST

संबंधित पोस्ट