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उम्मीद का छोर, रेल कॉरिडोर

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Last Updated- December 10, 2022 | 10:49 PM IST

पश्चिम बंगाल सरकार की सबसे बड़ी परियोजना पूर्वी-पश्चिमी रेल कॉरिडोर के बनने से शहर में प्रॉपर्टी के दामों में तेजी आने की संभावना है।
शहर के दिग्गज रियल एस्टेट कारोबारियों ने बताया कि परियोजना के  बाद  हावड़ा मैदान में प्रॉपर्टी की कीमत 22 फीसदी बढ़ने की उम्मीद है।
पीएस समूह के प्रदीप चोपड़ा ने बताया, ‘इस परियोजना के आसपास के क्षेत्रों में प्रॉपर्टी के दाम बढ़ेंगे। लेकिन इस पर हम ज्यादा खुश भी नहीं हो सकते हैं। गरिया मेट्रो रेल परियोजना पूरी होने के बाद भी प्रॉपर्टी के दामों में तेजी आने की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।’
हालांकि रियल एस्टेट डेवलपर इन परियोजनाओं को लेकर ज्यादा उत्साहित नहीं हैं। क्योंकि अभी तक टॉलीगंज-नई गरिया मेट्रो के बीच मेट्रो का काम अभी तक शुरू नहीं हुआ है। जबकि साल 2000 में ही इसकी अनुमति दी जा चुकी है। डेवलपरों का मानना है कि यह परियोजना पहले से ही सियालदाह, डलहौजी और उत्तरी कोलकाता के तंग इलाकों से होकर गुजरेगी। ऐसे में रियल एस्टेट को किसी भी तरह का फायदा नहीं होगा।
कोलकाता मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (केएमआरसी) के चेयरमैन एम रामचंद्रन ने बताया, ‘राज्य सरकार ने हमसे बाउबाजार मेट्रो स्टेशन नहीं बनाने के लिए आग्रह किया था। हमने यह मामला अधिकार प्राप्त मंत्रियों की बैठक में उठाया। अब इस मेट्रो स्टेशन को नहीं बनाने का फैसला लिया गया है।’ दरअसल बाउबाजार के निवासी वहां मेट्रो स्टेशन बनाने का विरोध कर रहे थे।
पूर्वी-पश्चिमी मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण पर लगभग 4,874.58 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। लगभग 13.77 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर में से 8 किलोमीटर भूमिगत कॉरिडोर बनाया जाएगा। यह कॉरिडोर हावड़ा मैदान के आईटी केंद्र सॉल्ट लेक सेक्टर-5 से होकर गुजरेगा। इस कॉरिडोर में कुल 12 स्टेशन बनाए जाएंगे। इन स्टेशनों से शहर के सभी औद्योगिक केंद्रों को जोड़ा जाएगा।
सुरेका समूह के प्रदीप सुरेका ने बताया, ‘किसी भी बड़ी इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजना का काम पूरा होने के बाद भूमि और प्रॉपर्टी की कीमत बढ़ जाती है। हालांकि सरकार की परियोजनाएं पूरा होने में कुछ अधिक समय लेती हैं। किसी भी परियोजना का प्रॉपर्टी पर असर उसके पूरा होने के बाद ही देखा जा सकता है।’
मेट्रो रेलवे के प्रवक्ता ने बताया, ‘भूमि अधिग्रहण में मुश्किल होने के कारण ही अभी तक गरिया-टॉलीगंज मेट्रो का काम शुरू नहीं हो पाया है। पहले इस परियोजना की संभावित कीमत 907 करोड़ रुपये थी, जोकि अब बढ़ गई है।’ हालांकि कीमत में कितना इजाफा हुआ है इस बारे में उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
एक प्रॉपर्टी सलाहकार ने बताया, ‘फिलहाल तो इस परियोजना का डेवलपरों पर कोई असर नहीं हो रहा है। मुमकिन है कि परियोजना शुरू होने पर प्रॉपर्टी की कीमतों पर असर पड़े।’ पूर्वी-पश्चिमी कॉरिडोर के लिए निर्माण कार्य शूरू हो चुका है। इस परियोजना को पूरा करने के लिए समय सीमा अक्टूबर 2014 निर्धारित की गई है।

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First Published - April 2, 2009 | 11:47 PM IST

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